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💢गोल्ड डिपॉजिट💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 10:12 PM IST
️वॉच,विस्तारFollow Usअंग प्रदेश की रेशमी नगरी भागलपुर में वेब पत्रकार संगठन वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित वेब मीडिया समागम सह 7वां स्थापना दिवस भव्यता के साथ आरंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं आचार्य प्रो. डॉ. संजय द्विवेदी, न्यूज़ 18 के ग्रुप एडिटर ब्रजेश कुमार सिंह, अमर उजाला के बिहार हेड कुमार जितेन्द्र ज्योति समेत देशभर से मीडिया की दिग्गज हस्तियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित किया।
सर्वे कैश, राजस्थान के बूंदी जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। देई खेड़ा थाना क्षेत्र के पापड़ी लबान के पास कपास से भरा एक ट्रक बेकाबू होकर सड़क किनारे पैदल चल रहे श्रद्धालुओं के ऊपर पलट गया। इस हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य श्रद्धालु ने कोटा के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
सारदो पार्षदों के पाला बदलते ही पंजाब पुलिस, पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों की नींद खोल दी है। इस राजनीति के केंद्र में सबसे ऊपर उभर कर आए हैं आप के चंडीगढ़ प्रदेश के सह प्रभारी डॉ. सन्नी सिंह आहलुवालिया।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
चंबा में लोहड़ी पर्व को लेकर खरीदारी करते लोग।संवाद
साप्ताहिक सब्सक्राइब, विस्तारFollow Usगुरुवार को जिला मुख्यालय बीजापुर के हृदय स्थल जय स्तंभ में बस्तर के दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार मुकेश चंद्राकर को पत्रकारों एवं जनप्रतिनिधियों ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत पत्रकार की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
स्टूडेंट विन पुतला दहन कर विरोध करते भाजयुमो के कार्यकर्ता- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:24 AM IST
विन, विस्तारFollow Usभोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।







