वीआईपी बोनस
डाउनलोड कमाई
इनवाइट, Inc
पैसे इनाम
💢इनाम वॉच💢विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त और आयुक्त की नियुक्ति के मापदंड को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। जस्टिस एनके व्यास की सिंगल बेंच ने याचिका खारिज करने के साथ ही नियुक्ति पर लगी रोक भी हटा दी।
️फ्री विज़िट,भरतपुर जिले के सेवर थाना क्षेत्र के नगला झीलरा गांव में गुरुवार को एक नवजात शिशु के झाड़ियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। बच्चा गंभीर अवस्था में था और उसके शरीर पर आवारा जानवरों के खरोंच के निशान पाए गए। ग्रामीणों ने जब बच्चे को देखा तो गांव में अफरातफरी मच गई। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
छोटा वेरिफाई, बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या कर दी गई। फेंगुआ के दागनभुआ में समीर दास (28) को पीट-पीटकर मार डाला गया। आरोपी उसका ऑटो लूटकर फरार हो गए। पुलिस हत्यारों की तलाश कर रही है। पिछले 25 दिन में बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या का यह आठवीं वारदात है।
ट्रांसफर, मुंगेर सदर अस्पताल के पीछे तोपखाना बाजार स्थित मुंगेर नेशनल अस्पताल पर प्रशासनिक शिकंजा कसता जा रहा है। इलाज के नाम पर भारी राशि वसूलने और भुगतान न होने पर मरीज व परिजनों को बंधक बनाने के आरोप में जिलाधिकारी ने अस्पताल का निबंधन रद्द करने की अनुशंसा की है। डीएम द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच टीम ने अस्पताल के संचालन में गंभीर अनियमितताएं पाई हैं।
वीआईपी ऐप
सारRajasthan News: बाली में कोटा निवासी दंपति से बाली में लूटपाट की वारदात हुई, जिसमें उनसे उनका कीमती सामान और पासपोर्ट छीन लिया गया। इस स्थिति में दंपति के भारत लौटने का रास्ता बाधित हो गया। इसे लेकर कांग्रेस नेता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी और विदेश मंत्री के नाम पीड़ित दंपति को सहायता के लिए ज्ञापन भेजा है।
डायमंड टास्क, बलरामपुर तहसील कार्यालय में दस्तावेजों के एवज में अवैध धन मांगने का एक गंभीर मामला सामने आया है। टांगरमहरी निवासी दीपक यादव ने तहसील कार्यालय के समक्ष तख्ती लेकर धरना प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि तहसील कार्यालय में पदस्थ एक बाबू और चौकीदार ने उन्हें अधिकार अभिलेख जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए ₹500 की रिश्वत मांगी, जबकि इसके लिए निर्धारित सरकारी शुल्क मात्र ₹10 था। दीपक यादव के पास ₹200 ही उपलब्ध थे और वह शेष ₹300 के लिए राजस्व अधिकारियों से “भीख” मांगने की बात कहते हुए धरने पर बैठे थे।







