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💢रिवॉर्ड्स💢बुलंदशहर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर अर्हता तिथि एक जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 का अभियान तेज हो गया है। इसी के चलते रविवार को जनपद की सभी सात विधानसभा क्षेत्रों के कुल 3031 मतदेय स्थलों पर विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान संबंधित बीएलओ ने मतदाता सूची का सार्वजनिक पठन किया और पात्र नागरिकों से आवेदन प्राप्त किए।
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शक्सगाम घाटी पर भारत की लताड़ से बौखलाया चीनयूनियन बजट 2026-27भोपाल के रहमान डकैत की पूरी कहानीखुदरा महंगाई दर में उछालJadeep DhankharShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'महारानी कामसुंदरी देवी को भतीजे ने दी मुखाग्निडिलीवरी बॉय बने राघव चड्ढाIND vs NZ
प्लेटिनम ईज़ी, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Sat, 13 Dec 2025 12:51 PM IST
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सारदक्षिण बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने माओवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर एक सघन तलाशी अभियान शुरू किया था। इसी दौरान मुठभेड़ हो गई। सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान मुठभेड़ स्थल से दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं।
डायमंड इंस्टेंट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगाPublished by:दरभंगा ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 08:39 AM IST
स्टूडेंट कलेक्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ाPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Sun, 09 Nov 2025 03:09 PM IST
विस्तारFollow Usविकासखंड मुख्यालय आवापल्ली में संचालित पोर्टाकेबिन विद्यालय की कक्षा छठवीं की छात्रा कुमारी मनीषा सेमला के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए बीजापुर जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष एवं कांग्रेस पार्टी के युवा नेता कमलेश कारम ने इस घटना के लिए विद्यालय की अधिक्षिका को जिम्मेदार ठहराया है।
मासिक गेम, विस्तारFollow Usउत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।







