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💢फ्री💢अतरौली में जाम लगाकर प्रदर्शन करते हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता- फोटो : संवाद
️ऑफर डिपॉजिट,02-प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते पूर्व सांसद निर्मल खत्री।-संवाद
विस्तारFollow Usआगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित माँ बगलामुखी मंदिर में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब मंदिर के पंडितों ने सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया। पंडितों ने अनिश्चितकाल के लिए हवन और अनुष्ठान बंद कर मंदिर परिसर में ही धरना दे दिया है।
ईज़ी ऑनलाइन, अल्मोड़ा के मुनस्यारी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के कारण राजमा की खेती निचली ऊंचाई से उच्च हिमालयी क्षेत्रों की ओर शिफ्ट हो गई है, जिससे इसकी पैदावार और गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/श्रीगंगानगर/बांसवाड़ाPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Mon, 10 Nov 2025 10:30 PM IST
फोटो-12- मरीज को परामर्श देतीं मनोचिकित्सक डॉ. अनामिका राजपूत। संवाद
सुपर फ्रेंड्स, अंबाला सिटी। फसल अवशेष प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट, नवाचारपूर्ण और परिणामोन्मुख कार्य के लिए कृषि विभाग अंबाला को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान जिले में खेतों में आग की घटनाओं में अभूतपूर्व कमी लाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी रणनीति अपनाने के लिए प्रदान किया गया। पुरस्कार बीते दिनों नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया। सम्मान डाॅ. जसविंद्र सिंह, डॉ. राजेश अग्रवाल, करण सिंह, प्रवीन, दीनदयाल शर्मा व मनदीप सिंह ने प्राप्त किया। फसल अवशेष प्रबंधन के अंतर्गत अपनाई गई योजनाबद्ध, डेटा आधारित और फील्ड स्तर पर सख्त निगरानी वाली कार्यप्रणाली के कारण जिले में खेतों में आग की घटनाओं में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। वर्ष 2023 में जहां 195 फायर घटनाएं दर्ज हुई थीं, वहीं 2024 में यह 99 रह गईं। वर्ष 2025 में पूरे अंबाला जिले में केवल 8 फायर घटनाएं दर्ज की गईं। संवादकृषि विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड मिला। सूचना विभाग
दैनिक बोनस कौन है अरिहा शाह?अंबरनाथ नगर परिषदयूनियन बजट 2026-27भोपाल के रहमान डकैत की पूरी कहानीखुदरा महंगाई दर में उछालJadeep DhankharShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'महारानी कामसुंदरी देवी को भतीजे ने दी मुखाग्निडिलीवरी बॉय बने राघव चड्ढा
पंजाब में पिछले आठ वर्षों के दौरान अमृतसर और जालंधर ने वायु गुणवत्ता सुधार में सबसे अधिक प्रगति की है। ऊर्जा और स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र द्वारा जारी राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) की रिपोर्ट के अनुसार, अमृतसर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 2017 में 189 था, जो 2025 तक घटकर 87 हो गया, यानी 54% कमी। इसी तरह, जालंधर का एक्यूआई 178 से घटकर 99 हुआ, यानी 45% की गिरावट दर्ज की गई।
विन इनाम, संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकीUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:01 AM IST







