इंस्टेंट शेयर
शेयर रिसीव
डायमंड विन, Inc
फ्रेंड्स
💢रजिस्टर ऐप💢सारबालोद जिले के रहने वाले खोमेंद्र साहू 19 दिसंबर को टेंट उतारकर गाड़ी पर लोड करने ऊपर चढ़े थे, तभी 11 केवी हाईटेंशन लाइन से संपर्क में आने से गंभीर रूप से झुलस गए।
️इनाम,विस्तारFollow Usजिला चिकित्सालय अनूपपुर में एक तरफ चोरियां हो रही हैं। वहीं दूसरी तरफ वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की तस्वरों की गुणवत्ता बहुत खराब है। इसकी वजह से चोरी करने वालों की पहचान नहीं हो पा रही है। कैमरे की फुटेज काफी धुंधली और अस्पष्ट होने के कारण पुलिस साक्ष्य नहीं जुटा पा रही है।
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
मोबाइल ऑनलाइन, अतरौलिया में हादसे के बाद घायलों को एंबुलेंस में लिटाता कर्मी। संवाद- फोटो : संवाद
सारAzamgarh News:आजमगढ़ में जल्द ही नहर तटबंधों की सफाई होनी है। सिंचाई विभाग को इसके किनारे लगे बिजली के खंभों से समस्या हो रही है। विभाग इसे हटाने के लिए नोटिस भेजेगा।
😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत किरनापुर क्षेत्र में सुरक्षाबलों को बड़ी उपलब्धि मिली है। सिरका-मोजाडेरा और अलीटोला के जंगलों में सर्चिंग के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में सामान बरामद किया गया है।
शेयर सब्सक्राइब, Rajasthan Bypoll Result :अब से कुछ घंटों में यह फैसला हो जाएगा कि अंता का ऊंट किस करवट बैठेगा। सुबह 8 बजे अंता में मतगणना शुरू हो जाएगी। मुख्य मुकाबला कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया और बीजेपी के मोरपाल सुमन के बीच बताया जा रहा है। निर्दलीय नरेश मीणा जितने ज्यादा वोट लेंगे कांग्रेस को उतना ही बड़ा नुकसान होने की आशंका है। हालांकि इस उपचुनाव में 15 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन बतौर निर्दलीय नरेश मीणा ही मुकाबले में खड़े नजर आए।
शेयर अंबाला छावनी के नगर परिषद कार्यालय में विकास कार्याें को लेकर ठेकेदारों की बैठक लेते ईओ देवेंद
मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:22 AM IST
प्रीमियम ऑनलाइन, विस्तारFollow Usपश्चिमी राजस्थान की राजनीति एक बार फिर जिला सीमाओं के सवाल पर उबाल पर है। बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए ताजा फेरबदल ने न सिर्फ प्रशासनिक ढांचे को झकझोर दिया है, बल्कि प्रदेश की राजनीति को भी आमने-सामने ला खड़ा किया है। कांग्रेस इस फैसले को जनविरोधी और राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा इसे संतुलित प्रशासन और विकास की दिशा में जरूरी कदम करार दे रही है।







