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️गोल्ड मोबाइल,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुरPublished by:शबाहत हुसैनUpdated Sat, 06 Dec 2025 02:46 PM IST
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कमाई सब्सक्राइब, सारBihar : बिहार के लिए 'भारत रत्न' बहुत मायने रखता है। देशरत्न को जीवन के अंतिम समय में मिला। जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा को भी उसी तरह। लोकनायक और जननायक को मरणोपरांत। नाम उछला सीएम नीतीश का तो कतार में आ गए लालू भी। क्या संभावना है?
सारपुलिया के नीचे शॉल में लिपटी नवजात के मिलने के बाद पुलिस ने बच्ची को जिला अस्पताल रैफर किया है, जहां उसका उपचार जारी है। लकड़ी बीनने के लिए पुलिया के पास गई महिलाओं को ये बच्ची वहां मिली थी।
Tiger Breaking News:राजस्थान ने बाघ संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पहली बार अंतर-राज्यीय हवाई ट्रांसलोकेशन के जरिए बाघिन को राज्य में लाया है। मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से लाई गई तीन वर्षीय बाघिन PN-224 को रविवार देर रात MI-17 हेलिकॉप्टर से जयपुर लाया गया, जिसके बाद सोमवार सुबह बूंदी जिले के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व (RVTR) में बने एक विशेष अनुकूलन बाड़े में छोड़ा गया।
विस्तारFollow Usराजद के सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह स्थानीय जनता के साथ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि अभी तक अमर उजाला नहीं करता है।
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मेगा साइन अप सारबेमेतरा जिले के नवागढ़ में इस साल राज्य स्तरीय गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम के लिए सीएम विष्णुदेव साय को नवागढ़ विधायक और खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने न्योता दिया है। ऐसे में सीएम विष्णुदेव साय इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
चंबा। वन मंडल चंबा में कशमल की जड़ों के दोहन को लेकर स्थानीय लोग व ठेकेदार आमने सामने हो गए हैं। अब तक ठेकेदार लोगों को दस रुपये प्रति किलो की दर से कशमल जड़ों का दाम दे रहे थे जबकि दवा कंपनियों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग दाम बढ़ाने की मांग पर अड़ गए हैं। अब वे दस रुपये की जबह 18 रुपये प्रति किलो दाम देने की मांग कर रहे हैं। यह दाम चुकाने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हाे रहे हैं। इसके चलते कशमल दोहन क्षेत्र में थम गया है। हालांकि, कुछ इलाकों में लोग इसके दोहन का विरोध भी कर रहे हैं। कुछ मात्रा में उन्होंने उखाड़ी गई कशमल को जलाया भी है। फिलहाल क्षेत्र के लोग अब दाम बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में यह मामला अब लोगों व ठेकेदार के बीच में फंस गया है। विभाग चाहकर भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाग के कर्मचारी सही तरीके से कशमल दोहन पर निगरानी रख सकते हैं। ये जड़ें स्थानीय लोग किस दाम पर बेच रहे हैं और ठेकेदार आगे किस दाम पर बेच रहा है, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है।
दैनिक फ्रेंड्स,







