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💢इनाम💢सारमध्यप्रदेश की पारंपरिक भरेवा धातु शिल्प कला को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बैतूल के शिल्पकार बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया। हाल ही में मिले जीआई टैग ने इस जनजातीय कला की प्रतिष्ठा और आर्थिक संभावनाओं को नई उड़ान दी है।
️साइन अप वीडियो,पंजाबी सिंगर गुलाब सिंह सिद्धू पर हमला करने की साजिश रच रहे सरपंच समेत तीन आरोपियों को बरनाला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों में गांव कोटदूना का सरपंच शामिल है। आरोपियों से गैर-कानूनी हथियार, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन, स्विफ्ट कार सहित अन्य सामान बरामद किया गया है।
विस्तारFollow Usलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को बूंदी में 123 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने मल्टीपरपज़ इंडोर स्टेडियम, अमृत 2.0, जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजनाओं सहित कई परियोजनाओं की सौगात दी और सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ किया।
डिपॉजिट वीडियो, सारबदायूं जिले की प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने सोमवार को प्रेसवार्ता कर वीबी-जी राम जी योजना पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नए ग्रामीण रोजगार अधिनियम से गांव आत्मनिर्भर बनेंगे। विकास को नई गति मिलेगी।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़Published by:निवेदिता वर्माUpdated Sat, 10 Jan 2026 04:29 PM IST
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मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने से मंगलवार को कई जिलों में तेज बारिश का दौर रहा। इंदौर में 9 घंटे में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिरा। जबकि रायसेन और नर्मदापुरम में आधा इंच बारिश हुई। बैतूल, गुना, ग्वालियर, खरगोन, पचमढ़ी, उज्जैन, दमोह, मंडला, सिवनी में भी बारिश हुई। राजधानी भोपाल में भी शाम को तेज बारिश का दौर शुरू हो गया।
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विस्तारFollow Usभोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
वॉच गेम, संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Fri, 09 Jan 2026 11:09 PM IST







