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💢डाउनलोड ईज़ी💢सारराजधानी रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में आत्महत्या का मामला सामने आया है। एक व्यवसायी ने अपने ही घर में जान दे दी। मृतक की पहचान रंजन पुरोहित के रूप में हुई है, जो राजधानी में विज्ञापन व्यवसाय से जुड़े हुए थे।
️नया ईज़ी,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Sun, 26 Oct 2025 04:51 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:34 PM IST
कूपन, चंडीगढ़ में सोमवार सुबह एक बार फिर घना कोहरा छा गया। कड़ाके की ठंड ने गलन का अहसास कराना शुरू कर दिया है। शहर का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस है, जबकि अधिकतम तापमान 14 डिग्री तक पहुंच गया है। ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Fri, 19 Dec 2025 10:05 AM IST
भोजपुरी अभिनेत्री अमृता पाण्डेय और नीरज हत्याकांड- फोटो : अमर उजाला
चंबा। वन मंडल चंबा में कशमल की जड़ों के दोहन को लेकर स्थानीय लोग व ठेकेदार आमने सामने हो गए हैं। अब तक ठेकेदार लोगों को दस रुपये प्रति किलो की दर से कशमल जड़ों का दाम दे रहे थे जबकि दवा कंपनियों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग दाम बढ़ाने की मांग पर अड़ गए हैं। अब वे दस रुपये की जबह 18 रुपये प्रति किलो दाम देने की मांग कर रहे हैं। यह दाम चुकाने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हाे रहे हैं। इसके चलते कशमल दोहन क्षेत्र में थम गया है। हालांकि, कुछ इलाकों में लोग इसके दोहन का विरोध भी कर रहे हैं। कुछ मात्रा में उन्होंने उखाड़ी गई कशमल को जलाया भी है। फिलहाल क्षेत्र के लोग अब दाम बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में यह मामला अब लोगों व ठेकेदार के बीच में फंस गया है। विभाग चाहकर भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाग के कर्मचारी सही तरीके से कशमल दोहन पर निगरानी रख सकते हैं। ये जड़ें स्थानीय लोग किस दाम पर बेच रहे हैं और ठेकेदार आगे किस दाम पर बेच रहा है, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है।
इनाम विज़िट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Thu, 13 Nov 2025 10:00 PM IST
रिवॉर्ड्स गेम हिरासत में लिए गए फ्रांसीसी पर्यटक- फोटो : अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदीPublished by:बूँदी ब्यूरोUpdated Fri, 19 Dec 2025 01:09 PM IST
गोल्ड ईज़ी, बीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।







