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💢छोटा इनाम💢शहर में शनिवार शाम मेन मार्केट में एक भयंकर घटना ने हड़कंप मचा दिया, जब कुछ बदमाशों ने कांग्रेस नेता और पूर्व सरपंच हरफूल जाट पर तलवार, सरिए और गोली से हमला कर दिया। घटना के कुछ ही घंटों में पुलिस ने भाजपा नेता और पूर्व सरपंच बालूलाल आचार्य, उनके दोनों बेटे गोपाल व अक्षय आचार्य और एक साथी मनीष को गिरफ्तार कर लिया। हमले में हरफूल गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
️इंस्टेंट टास्क,कुमार जितेंद्र ज्योतिUpdated Tue, 13 Jan 2026 04:01 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णियाPublished by:पूर्णिया ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 08:17 PM IST
वीआईपी कूपन, सारआज शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा द्वारा सिग्नल चौक के पास जमीन गाइडलाइन में वृद्धि के विरोध में मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। इस दौरान पुलिस व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झूमा झटकी हुई।
सारभिंड जिले में उमरी थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और तत्काल लोन के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। राजस्थान के सीकर जिले के पांच आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, जिन्होंने हजारों की जीत दिखाकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी की।
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:12 PM IST
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Wed, 07 Jan 2026 10:29 PM IST
ईज़ी शेयर, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Sat, 29 Nov 2025 01:08 PM IST
डायमंड रिसीव विस्तारFollow Usछतरपुर शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दुल्हन अपने पिता और कथित गुंडों के साथ ससुराल पहुंची और सास-ससुर के साथ मारपीट कर दहेज में दी गई मोटरसाइकिल को बांधकर घसीटते हुए ले गई। पूरी घटना का वीडियो अब सामने आया है।
विस्तारFollow Usअब सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच एजेंसी सीधे कार्रवाई नहीं कर सकेगी। पहले उच्च अधिकारी से स्वीकृति जरूरी होगी। मगर रंगे हाथ पैसे लेने वाले वाले मामलों में पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। हरियाणा सरकार ने अधिकारियों व कर्मचारियों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों में जांच के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह फैसला उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां अधिकारी व कर्मचारी रंगे हाथ पकड़े जाएंगे।
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