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💢फ्री डिस्काउंट💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगाPublished by:दरभंगा ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 05:58 PM IST
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रिवॉर्ड्स, राजस्थान की सतरंगी संस्कृति का अनोखा संगम इन दिनों बीकानेर में देखने को मिल रहा है। आज से इंटरनेशनल कैमल फेस्टिवल 2026 की भव्य शुरुआत हो गई है, जो 9 से 11 जनवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। इस महोत्सव में ‘रेगिस्तान के जहाज’ कहे जाने वाले ऊंटों की शान के साथ-साथ राजस्थानी परंपराओं, लोक संस्कृति और रंग-बिरंगे आयोजनों की झलक देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित इस फेस्टिवल में सजे-धजे ऊंट, रौबीली मूंछों-दाढ़ियों वाले युवक और पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं विदेशी पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही हैं।
सारBhilwara News: माण्डलगढ़-भीलवाड़ा एनएच-758 पर बीगोद के पास ट्रेलर और इको कार की आमने-सामने भिड़ंत में दो लोगों की मौत हो गई और तीन गंभीर घायल हुए। पुलिस ने रेस्क्यू कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जांच जारी है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटनाPublished by:आदित्य आनंदUpdated Sat, 15 Nov 2025 12:49 PM IST
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रिसीव ट्रांसफर, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरPublished by:सौरभ भट्टUpdated Wed, 24 Dec 2025 07:28 AM IST
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विस्तारFollow Usपंजाब व हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ के सबसे बड़े मॉल में बम की सूचना से हड़कंप मच गया। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित नेक्सस एलांते मॉल में बम होने की सूचना के बाद पुलिस विभाग अलर्ट हो गया और दल-बल के साथ मौके पर पहुंचा। चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, बम व डॉग स्क्वायड और ऑपरेशन सेल की टीमें भी मौके पर पहुंची और पूरे मॉल को खाली करवाया गया। इसके बाद पूरे मॉल का चप्पा-चप्पा खंगाला गया। हालांकि बाद में पता चला कि पूरी कार्रवाई एक मॉक ड्रिल थी। 26 जनवरी को लेकर पुलिस विभाग अलर्ट मोड पर है, इसलिए सर्तकता को परखने के लिए यह मॉक ड्रिल करवाई गई थी।
वॉच इनाम, विस्तारFollow Usउत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।







