डायमंड गेम
इंस्टेंट
विन ऑफर, Inc
इंस्टेंट
💢मासिक रजिस्टर💢बुरहानपुर में दिल दहला देने वाली वारदात, मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़।- फोटो : अमर उजाला
️कैश,सारBihar Vigilance Department: निगरानी विभाग पूरी यूनिट को हाईटेक बनाने की तैयारी कर रहा है। इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल टेक्नोलॉजी सेंटर बनाने का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है। जानिए पूरा मामला...
विस्तारFollow Usजम्मूतवी एक्सप्रेस में रविवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब चलती ट्रेन में एक सैन्य जवान की चाकूबाजी में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार गुजरात निवासी जवान जिगर कुमार जम्मूतवी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में यात्रा कर रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर उसका कोच अटेंडेंट से विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि कोच अटेंडेंट ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में जिगर कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया और अधिक खून बहने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बोनस ऑफर, कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
विस्तारFollow Usभरतपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बढ़ते दबाव से नाराज बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। देर शाम दर्जनों बीएलओ कलेक्ट्रेट पहुंचे और एसआईआर कार्य के अत्यधिक लोड तथा अधिकारियों के कथित तानाशाही व्यवहार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याएं बताईं।
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में बुधवार को आयोजित एक राष्ट्रीय साहित्य परिसंवाद विवादों में घिर गया। हिंदी विभाग द्वारा साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का विषय "समकालीन हिंदी कहानी: बदलते जीवन संदर्भ" था। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से साहित्यकार और शिक्षाविद शामिल हुए थे।
ऐप इनाम, संवाद न्यूज एजेंसी पीडीडीयू नगर। रौबदार कद काठी, भारी आवाज और चेहरे पर ताव देती मूंछे, यही कभी पुलिस की पहचान हुआ करती थी। खास तौर पर मूंछ का पुलिस में विशेष महत्व होता था। मूंछों को मेंटेन करने के लिए विभाग में इसके लिए अलग से भत्ता तक दिया जाता है लेकिन चंदौली जिले में इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक एक भी पुलिसकर्मी ऐसा नहीं हो जो मूंछों को ताव देता हो।
सिल्वर कैश
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:46 PM IST
वीडियो कलेक्ट, विस्तारFollow Usबीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।







