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💢पैसे सर्वे💢-जवाहरपुर मेवला गांव का तालाब गंदगी से अटा पड़ा, लोगों ने प्रदर्शन कर सुंदरीकरण कराने की उठाई मांग
️वीआईपी मोबाइल,अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:Digvijay SinghUpdated Sat, 03 Jan 2026 06:06 PM IST
आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित माँ बगलामुखी मंदिर में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब मंदिर के पंडितों ने सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया। पंडितों ने अनिश्चितकाल के लिए हवन और अनुष्ठान बंद कर मंदिर परिसर में ही धरना दे दिया है।
रिवॉर्ड्स,
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:34 PM IST
बांदा। यूपी वक्फ बोर्ड में दर्ज पंजीकृत प्राचीन सार्वजनिक कब्रिस्तान की भूमि पर ग्राम पंचायत द्वारा बरात घर निर्माण शुरु कराने का ग्रामीणों ने विरोध करते हुए मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने भी बबेरू एसडीएम को पत्र भेजकर वक्फ संपत्ति की सुरक्षा का अनुरोध किया है।
अंबाला सिटी। एक सप्ताह से ठंड का सितम जारी है। धूप निकलने के बावजूद कंपकंपी छूट रही है। ठंड के साथ घना कोहरा भी मुश्किलें बढ़ा रहा है। सोमवार को सुबह से शाम तक लोग ठंड से जूझते रहे। 11 जनवरी की रात अब तक सीजन की सबसे ठंडी रात रिकॉर्ड की गई। रात का न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह तापमान 24 घंटे में 1.0 डिग्री सेल्सियस गिरा है। इसी तरह अधिकतम तापमान 12.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह तापमान सामान्य से 5.7 डिग्री कम रिकॉर्ड किया गया।
इनवाइट, हंसवर(अंबेडकरनगर)। बसखारी ब्लॉक की ग्राम पंचायत भूलेपुर और हंसवर में सड़क किनारे जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। स्थिति यह है कि एक स्थान पर मस्जिद से महज करीब दस मीटर की दूरी पर कूड़ा जमा है। इससे ग्रामीणों के साथ-साथ नमाज अदा करने आने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अर्न कमाई बालोतरा जिले के सिणधरी थाना क्षेत्र से रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि भाटा गांव की सरहद में एक प्रेमी युगल ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। राह से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों ने पेड़ पर एक साथ लटके दो शव देखे तो उनके होश उड़ गए। घटना की सूचना देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में जंगल की आग की तरह फैल गई और लोग मौके पर जमा होना शुरू हो गए।
महंगाई को मात देने और लंबी अवधि में अपनी पूंजी को बढ़ाने के लिए इक्विटी को हमेशा से सबसे सशक्त माध्यम माना गया है। फिक्स्ड इनकम या पारंपरिक निवेश के साधनों की तुलना में, इक्विटी में लंबी अवधि के दौरान 'परचेजिंग पावर' को न केवल बनाए रखने बल्कि उसे बढ़ाने की क्षमता अधिक होती है।
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