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💢विथड्रॉ वीडियो💢बाराबंकी। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की प्री-बोर्ड परीक्षाएं सोमवार से जिले भर में शुरू हो गईं। पहले दिन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की हिंदी विषय की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं।
️वेरिफाई,संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी धनौरा (अमरोहा)Published by:विमल शर्माUpdated Sun, 11 Jan 2026 08:05 PM IST
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
विन ऐप, सारबड़वानी जिले में पुलिस ने नकली नोटों के मामले का खुलासा करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 500 रुपये के 98 नकली नोट बरामद हुए। एक आरोपी ने कियोस्क सेंटर पर प्रिंटर से नकली करेंसी बनाना स्वीकार किया है। पुलिस गिरोह कनेक्शन की जांच कर रही है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगरPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Thu, 08 Jan 2026 08:38 PM IST
अमर उजाला नेटवर्क, अंबेडकरनगरPublished by:भूपेन्द्र सिंहUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:44 AM IST
नया लाइक, अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:05 PM IST
बड़ा स्टूडेंट संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराजUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:31 AM IST
विस्तारFollow Usबागेश्वर के कपकोट-भराड़ी में उत्तरायणी कौतिक की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। केदारेश्वर मैदान में झूले-चरखे लगने लगे हैं। पहली बार मेले में चांचरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। विजेता टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार के रूप में मिलेंगे। मेले के आयोजन स्थल केदारेश्वर मैदान में दुकानें लगने लगी हैं। भराड़ी के मां बाराही मंदिर में मंच सज्जा का काम चल रहा है। इस साल नगर पंचायत ने मेलार्थियों के मनोरंजन के लिए विशेष रूप से ऊंट भी मंगाया है। क्षेत्रवासी मेले के दौरान ऊंट की सवारी का लुत्फ उठाएंगे।
इनाम इनाम, हजपुरा (अंबेडकरनगर)। अकबरपुर क्षेत्र के कहरा सुलेमपुर गांव और आसपास के सात गांवों के लोगों के लिए वर्षों से चली आ रही आवागमन की समस्या का समाधान होने जा रहा है। बदहाल रास्तों के कारण ग्रामीणों को एक किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी, जो खासकर बरसात के मौसम में और भी विकराल रूप ले लेती थी। जलभराव की स्थिति ऐसी हो जाती थी कि पैदल चलना भी दूभर हो जाता था, जिससे स्कूली बच्चों को सर्वाधिक परेशानी का सामना करना पड़ता था।







