गोल्ड विन
डाउनलोड रिवॉर्ड्स
इनाम, Inc
प्रीमियम इनवाइट
💢पॉइंट्स पॉइंट्स💢Civic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest BengalयूपीBihar News
️ट्रांसफर,बागेश्वर। सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों का सफर शुरू होने से पहले ही फिर से दुश्वारियों के गर्त में चला गया है। बड़े ही तामझाम और फूल-मालाओं के साथ शुरू हुई खुनौली-हल्द्वानी केमू बस सेवा महज तीन दिन बाद ही सफेद हाथी साबित हो गई। उद्घाटन के शोर के बीच शुरू हुई यह सेवा अब ठप है। क्षेत्र के ग्रामीणों को सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विस्तारFollow Usनक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के अंतिम चरण में बालाघाट जिले में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। समर्पित नक्सलियों से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर सीआरपीएफ की 123 बटालियन ने शनिवार को रूपझर थाना क्षेत्र अंतर्गत दुगलई आमानाला के घने जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाकर नक्सलियों का एक विस्फोटक डंप बरामद किया। नक्सलियों ने इस डंप को प्लास्टिक केन में छिपाकर रखा था, जिसका इस्तेमाल सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की साजिश के तहत किया जाना था।
गोल्ड कैश,
बहराइच। इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम में स्वर्गीय कुशमेंद्र सिंह राणा की स्मृति में आयोजित ग्लैमर टाइप प्रीमियर लीग का मुकाबला शुक्रवार को बेहद रोमांचक रहा। बहराइच ग्लेडिएटर ने बहराइच हंटर्स को सात रनों से हराकर जीत दर्ज की।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारांPublished by:बारां ब्यूरोUpdated Thu, 11 Dec 2025 11:06 AM IST
सर्वे कैश,
डिपॉजिट कूपन कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सारकोतमा निवासी पूजा जैन का एमपीपीएससी परीक्षा में डीएसपी पद पर चयन हुआ है। वे वर्तमान में भोपाल में जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। कार्य के साथ तैयारी जारी रखी और पति श्रेयांश जैन व परिवार से मिली प्रेरणा ने उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई।
विज़िट ऑफर, बहराइच/शिवपुर। परसा अगैया गांव में 10 वर्षीय विवेक वर्मा की निर्मम हत्या के मामले में अदालत द्वारा आरोपी अनूप वर्मा को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद भले ही पीड़ित परिवार को न्याय की अनुभूति हुई हो, लेकिन कानूनी रूप से यह मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है। कानून के मुताबिक फांसी की सजा पाए किसी भी अभियुक्त के मामले में आगे की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से उच्च न्यायालय से होकर गुजरती है।







