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💢अल्ट्रा अर्न💢सारMaharani Kamsundari Devi Last Rites: दरभंगा महाराज की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का अंतिम संस्कार श्यामा माई मंदिर परिसर में हुआ। मुखाग्नि पोते रत्नेश्वर सिंह ने दी। युवराज कपिलेश्वर सिंह अनुपस्थित रहे। अंतिम संस्कार से पहले मारपीट और संपत्ति विवाद भी सामने आया।
️विशेष फ्रेंड्स,न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, भागलपुरPublished by:कृष्ण बल्लभ नारायणUpdated Sat, 27 Dec 2025 09:26 PM IST
लाइक ट्रांसफर, विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश के दो अलग-अलग जिलों में मंगलवार को हुए भीषण सड़क हादसों ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया। भिंड में तेज रफ्तार कैंटर की टक्कर से पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पन्ना में मंदिर से लौट रहे भाई-बहनों समेत तीन की जान चली गई। दोनों घटनाओं के बाद इलाके में शोक का माहौल है और पुलिस जांच में जुटी हुई है।
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:अनुज कुमारUpdated Mon, 22 Dec 2025 08:15 PM IST
विकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?अंबरनाथ नगर परिषदयूनियन बजट 2026-27भोपाल के रहमान डकैत की पूरी कहानीखुदरा महंगाई दर में उछालJagdeep DhankharShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'महारानी कामसुंदरी देवी को भतीजे ने दी मुखाग्नि
पॉइंट्स लाइक,
लाइक ऑनलाइन सारजिले की देईखेड़ा पुलिस ने पंचायत सचिव से मारपीट कर फरार दो मुख्य आरोपियों को एक सप्ताह बाद गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को सुरक्षा घेरे में बाजार से पैदल घुमाया गया।
विस्तारFollow Usशहर के भवानीपुरा के सरोज नगर में रविवार शाम को एक पांच वर्षीय बच्ची के साथ 22 वर्षीय युवक ने चॉकलेट देने के बहाने अपने घर ले जाकर दुष्कर्म किया। बच्ची जब रोते हुए घर लौटी तो मां को पूरी घटना बताई। परिवार ने तुरंत सिटी कोतवाली पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना मिलते ही टीआई बृजेंद्र सिंह सेंगर ने एसपी डॉ. असित यादव को जानकारी दी।
गोल्ड डिपॉजिट, भिवानी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत पढ़ाई बीच में छोड़ चुके ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग की ओर से 19 जनवरी तक सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के रुझान सामने आने लगे हैं। सर्वे में पाया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी दायरे में पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले बच्चों की संख्या अधिक है। इनमें विशेष रूप से प्रवासी मजदूर परिवारों और घुमंतू लोगों के बच्चे शामिल हैं।







