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️फ्रेंड्स रजिस्टर,विस्तारFollow Usशिवसेना की स्थापना बालासाहेब ठाकरे ने की थी और समय के साथ यह पार्टी महाराष्ट्र की राजनीति की एक प्रमुख शक्ति बनी। आज यह पार्टी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में एक ऐसे दौर से गुजर रही है जिसे कई लोग निर्णायक मानते हैं। हाल के वर्षों में उद्धव ठाकरे के राजनीतिक फैसलों को अलग-अलग नजरिए से देखा गया है और इन पर व्यापक चर्चा होती रही है।
कलेक्ट कमेंट, नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में पहली बार किसी महिला नक्सली ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। नक्सली गतिविधियों से चार दशक से अधिक समय से जूझ रहे इस जिले के लिए यह एक अहम घटना मानी जा रही है। 1992 के बाद यह पहली बार है कि किसी अन्य राज्य के नक्सली ने मध्य प्रदेश सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।
PrayagrajUSMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पति
राज्य सरकार ने जिलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत बालोतरा और बाड़मेर जिलों की सीमाओं में आंशिक बदलाव किया है। इस नए आदेश की अधिसूचना शुक्रवार देर रात सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर आदेश वायरल होते ही दोनों जिलों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कहीं लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया तो कहीं असंतोष और नाराजगी भी दिखाई दी।
आगरा। ताजमहल में 15 से 17 जनवरी तक होने वाले तीन दिवसीय उर्स पर अखिल भारत हिंदू महासभा ने रोक लगाने की मांग की है। सोमवार को संगठन के पदाधिकारियों ने माल रोड स्थित एएसआई कार्यालय पर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर उर्स के दौरान ताजमहल को नि:शुल्क किए जाने का विरोध किया। जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने केवल ताजगंज के निवासियाें को शुक्रवार की नमाज की अनुमति दी है। पदाधिकारियों ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि विभाग के पास मुगलकालीन या ब्रिटिश काल का ऐसा कोई लिखित आदेश नहीं है, जो उर्स की परंपरा को वैध ठहराता हो। साथ ही, आगरा के सिविल कोर्ट (सीनियर डिवीजन) में बाद संख्या 63/2024 लंबित है, जिसकी महत्वपूर्ण सुनवाई उर्स के पहले दिन यानी 15 जनवरी को ही होनी है। इस दौरान मंडल अध्यक्ष विपिन राठौर, मनीष पंडित आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नया बोनस, शहर के अंतरजनपदीय स्टेशन पर सीज कीए गए वाहन को खड़ा कराते पीटीओ रविंद्र चंद त्यागी।
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बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचन नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजनैतिक दलों को साप्ताहिक रूप से दावे एवं आपत्तियों की सूची उपलब्ध कराए जाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में मतदाता सूची से कुल 4 लाख 55 हजार नाम हटाए गए हैं। सातों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 25,10,595 मतदाता दर्ज हैं, जिनमें से 20,54,620 मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि लगभग एक लाख 42 हजार मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल हैं, लेकिन वर्ष 2003 की मतदाता सूची के अनुसार उनके जनपद में निवास का कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी 1 लाख 42 हजार मतदाताओं को नोटिस जारी कर दिया गया है और उनसे मतदाता सूची में नाम बनाए रखने के लिए आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया है। दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 06 फरवरी निर्धारित की गई है। अब तक कुल 3,023 दावे एवं आपत्तियों से संबंधित आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि विशेष पुनरीक्षण के उपरांत मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 06 मार्च को किया जाएगा। इसके अलावा सभी बूथों पर 11 जनवरी को बीएलओ द्वारा मतदाता सूची का वाचन किया जाएगा। जिलाधिकारी ने इस संबंध में की जा रही तैयारियों और व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी भी ली। इस मौके पर एडीएम अनिल कुमार आदि मौजूद थे।
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