बड़ा डिस्काउंट
विज़िट डिपॉजिट
रिवॉर्ड्स सब्सक्राइब, Inc
क्लिक अर्न
💢इनवाइट साइन अप💢चंपावत। जिला अस्पताल में बीते एक वर्ष के दौरान 620 गर्भवतियों के सामान्य और सिजेरियन प्रसव हुए हैं। अस्पताल में पिछले साल से तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ के चलते सामान्य और सिजेरियन प्रसवों की संख्या बढ़ी है।
️वेरिफाई रजिस्टर,अस्पताल में भर्ती कराया गया नवजात शिशु- फोटो : अमर उजाला
गोल्ड ईज़ी,
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को एक अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' से 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' की राशि 10 लाख लाभुक महिलाओं के खाते में डीबीटी के जरिए भेज दी है। उन्होंने 10 हजार रुपये प्रति लाभुक की दर से 1000 करोड़ रुपये की राशि का रिमोट का बटन दबाकर अंतरण किया। इसके पूर्व एक करोड़ 46 लाख लाभुक महिलाओं के खाते में 14 हजार 600 करोड़ रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महिला लाभुकों से बातचीत की। महिलाओं ने सीएम नीतीश कुमार को धन्यवाद करते हुए कहा कि 10000 की राशि से काफी मदद मिली है इससे वह अपना रोजगार शुरू कर चुकी है और अपनी जरूरत को पूरा कर पा रही हैं। आइए जानते हैं प्रमुख तीन महिलाओं ने और क्या क्या अनुभव साझा किए...
USMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Polls
कम्पलीट साइन अप, विस्तारFollow Usदरभंगा के राज परिवार की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का निधन हो गया। वे लगभग 96 वर्ष की थीं और कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। महारानी कामसुंदरी देवी, महाराजा कामेश्वर सिंह की तीसरी और अंतिम पत्नी थीं। महाराजा कामेश्वर सिंह से उनकी शादी 1940 के दशक में हुई थी। महारानी कामसुंदरी देवी से पहले महाराजा की दो पत्नियां थीं, महारानी राजलक्ष्मी और महारानी कामेश्वरी प्रिया, जिनका निधन पहले ही हो चुका है।
कमाई आज मंगलवार को प्रदेश के प्रसिद्ध प्रवासी पक्षी आश्रय स्थल गिधवा-परसदा क्षेत्र में वन मंत्री केदार कश्यप ने बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण व बर्ड सफारी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में हजारों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधि और पर्यावरण प्रेमियों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को विशेष बना दिया। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि गिधवा-परसदा पक्षियों के संवर्धन, संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में देश में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएगा। इस क्षेत्र में 270 से अधिक प्रजातियों के विदेशी व स्वदेशी पक्षी नियमित रूप से प्रवास करते हैं और स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं।
ऑफर,







