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💢गेम फ्रेंड्स💢अमर उजाला नेटवर्क, सुकमाPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 09 Jan 2026 01:18 PM IST
️दैनिक बोनस,बिलासपुर रेल हादसे में मृत लोको पायलट विद्यासागर कुशवाहा की तीनों बेटियों की शिक्षा एवं विवाह का जिम्मा क्लीन कोल इन्टरप्राईजेस प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी ने लिया है। कम्पनी के संचालक संजय अग्रवाल ने लिखित पत्र जिला कलेक्टर एवं डीआरएम रेल्वे बिलासपुर को सौंपा है। कम्पनी ने हादसे में मृत लोगों के बच्चों की संपूर्ण शिक्षा में सहयोग करने का भी वचन दिया है।
विथड्रॉ, क्षेत्र के दयालपुर गांव की आशा कार्यकर्ता रीमा पांडेय को साइबर जालसाजों ने ठगी का शिकार बना लिया। पीड़िता ने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
मोढ़ चैंपियनशिप क्रिकेट टूर्नामेंट में टॉस कराते अतिथि। स्रोत आयोजक
बीजापुर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों के माध्यम से अब तक 2540 किसानों से धान की खरीदी की जा चुकी है। किसानों से कुल 14,3948.40 मीट्रिक टन धान उपार्जित किया गया है। धान खरीदी के एवज में किसानों को कुल 340.13 करोड़ रुपये का समर्थन मूल्य भुगतान निर्धारित किया गया जिसमें से 122.82 करोड़ रुपये की राशि अब तक किसानों के खातों में भुगतान की जा चुकी है। वहीं शेष राशि का भुगतान भी चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
पक्का मकान अब बाधा नहीं, आयु सीमा बढ़ने से पहले निरस्त आवेदन भी होंगे शामिल
सुपर ऑनलाइन, पुलिस की गिरफ्त में दुष्कर्म का दोषी मूलचंद- फोटो : अमर उजाला
कमेंट कैश न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 01 Sep 2025 12:12 PM IST
चंबा। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के अधिकारी और कर्मचारी अब मोबाइल एप के माध्यम से हाजिरी दर्ज करेंगे। निगम प्रबंधन के अनुसार मोबाइल एप से लगाई गई हाजिरी की जानकारी सीधे हेड ऑफिस तक पहुंचेगी। इससे कर्मचारियों की समयपालन व्यवस्था पर सीधी निगरानी रखी जा सकेगी और फील्ड वर्क सहित कार्यालयी कार्यों में पारदर्शिता आएगी।
नया ट्रांसफर, उत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।







