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💢इंस्टेंट सब्सक्राइब💢सारपंजाब के मुक्तसर में दर्दनाक हादसा हुआ है। कार नहर में गिरने से उसमें सवार महिला और उसकी ढाई साल की बच्ची की पानी में डूबने से मौत हो गई। वहीं कार चालक ने किसी तरह खुद को बचा लिया।
️मेगा पॉइंट्स,अमर उजाला ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 02:03 AM IST
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।Published by:Krishan SinghUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:44 PM IST
पुराना इनवाइट, Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 10:12 PM IST
अफ्रीका के इजिप्ट देश के कैरो शहर में प्लास्टिक प्रदर्शनी में राजदूत सुरेश रेड्डी को जंंबो बैग
रिसीव वेरिफाई, भिवानी। शनिवार को जिले में घने कोहरे के कारण जनजीवन और यातायात प्रभावित रहे। गोरखधाम सुपरफास्ट ट्रेन पांच घंटे की देरी से और दिल्ली-भिवानी पैसेंजर ट्रेन एक घंटे की देरी से भिवानी पहुंची। सुबह तक दृश्यता मात्र 10 मीटर रहने के कारण वाहन रेंगकर चले, बसों ने मिनटों का सफर घंटों में तय किया और ठंड बढ़ने के साथ ही लोगों ने घरों से निकलना कम कर दिया। इसके कारण ज्यादातर रूटों पर सवारियों की संख्या भी कम रही।
विन रिसीव सारसीएम विष्णुदेव साय ने 40 करोड़ से अधिक की सिंचाई परियोजना के स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार विकास कार्य को लेकर काम किया जा रहा है।
अमर उजाला ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:25 AM IST
टास्क अर्न, राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।







