Global
  • Global
  • Türkiye
  • Việt Nam
  • México
  • Perú
  • Colombia
  • Argentina
  • Brasil
  • India
  • ประเทศไทย
  • Indonesia
  • Malaysia
  • Philippines
  • 中國香港
  • 中國台灣
  • السعودية
  • مصر
  • پاکستان
  • Россия
  • 日本
Download

सर्वे

ऑफर

ऐप रिसीव

4.9 Version: V5.3.6

गोल्ड विज़िट, Inc

कमेंट

💢सिल्वर मोबाइल💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:भोपाल ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 09:11 PM IST

️ऑनलाइन अर्न,गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद आजीवन कारावास के बंदियों को बड़ी राहत दी है। जेल विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद कुल 481 आजीवन दंडित बंदियों के मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 87 बंदियों को समयपूर्व रिहाई के लिए पात्र पाया गया है। वहीं, 394 बंदियों को निर्धारित शर्तें पूरी न होने के कारण अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। राज्य सरकार ने अपने पूर्व आदेश के तहत गठित प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में कानूनी प्रावधानों, बंदियों के आचरण, अपराध की पृष्ठभूमि और अन्य तथ्यों का गहन परीक्षण किया।

मेगा डिस्काउंट, गाजियाबाद ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:49 PM IST

अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 19 Dec 2025 03:34 PM IST

😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त

राज्य सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) सूची की पात्रता शर्तों में अहम संशोधन करते हुए जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है। नए बदलावों के बाद वे परिवार भी बीपीएल सूची में शामिल हो सकेंगे, जिन्हें पहले पक्का मकान होने या आयु सीमा के कारण अपात्र घोषित कर दिया गया था। सचिव ग्रामीण विकास सी पालरासु ने सभी उपायुक्तों और बीडीओ को इस संबंध में पत्र जारी किया है।

लॉग इन विन,

साइन अप बदायूं जिले के कुंवरगांव थाना प्रभारी राजेश कौशिक रस्सी का सांप बनाने में बुरी तरह फंस गए हैं। उन्होंने एक शख्स को पशु तस्कर साबित करने के लिए उससे फर्जी मुठभेड़ तक दिखा दी, जबकि वारदात के वक्त वह 62 किसी दूर बरेली में था। परिवार ने लोकेशन व फुटेज जैसे सबूत डीआईजी के सामने पेश किया है। गर्दन फंसती देख एसओ ने बदायूं एसओजी से निजी तौर पर मदद मांगी। इससे उन पर फंदा और कस गया है।

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:संदीप तिवारीUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:16 PM IST

ऑनलाइन अर्न, बदायूं। सैदपुर के मोहल्ला महेश चौक के रहने वाले 92 साल के विद्यासागर रस्तोगी का सीना उनके दो बेटों की बेरुखी से पहले से ही छलनी था। उस सीने पर उन्होंने गोली मारकर जख्म को और गहरा करते हुए मोह-माया के बंधन से मुक्ति पा ली। रविवार को उनके शव के पोस्टमॉर्टम से पहले जिला अस्पताल में कराए गए एक्स-रे में 16 छर्रे मिले। इन छर्रों को बड़ी मुश्किल से निकाला जा सका। इसके बाद देर शाम कस्बे में उनके शव का अंतिम संस्कार किया गया।

More Similar Apps

See All