ऐप
सिल्वर सर्वे
फ्री मोबाइल, Inc
इनाम
💢कलेक्ट वेरिफाई💢बीमारी से मां की मौत के सदमे से बेटे की भी जान चली गई। सिरसा कस्बे के मूल निवासी मोहित केशरी (27) मां निर्मला देवी (70) और भाइयों के साथ यहां रामनगर में किराये का कमरा लेकर रहता था। रामनगर कस्बे में ही मोहित जूता-चप्पल की दुकान चलाता था। इधर, कई दिनों से मोहित की मां निर्मला देवी की तबीयत खराब थी। उसे शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान रविवार शाम को उसकी मौत हो गई।
️ट्रांसफर इनवाइट,अयोध्या। मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर और दवा विक्रेताओं (मेडिकल स्टोर संचालकों) के गठजोड़ से रोगियों का शोषण जारी है। इक्का-दुक्का सामान खरीदने गए रोगियों को कई मेडिकल स्टोर से कई गैर जरूरी सामान थमाकर मोटी रकम वसूली जा रही है। इस पर अंकुश लगाने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी ठोस पहल नहीं कर रहा है।
सारबालाघाट में नक्सली संगठन छोड़ चुकी सुनीता ने तीन साल बाद माता-पिता से मिलकर नई ज़िंदगी की शुरुआत की। नक्सलियों ने उसे जबरन दलम में शामिल किया था। आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने 50 हजार की प्रोत्साहन राशि दी और पुनर्वास की तैयारी शुरू की। एसपी ने नक्सली विचारधारा को खोखला बताया।
बोनस, सारBihar:बारां जिले में उर्वरक फर्मों की सघन जांच में अनियमितताएं मिलने पर 11 विक्रेताओं को नोटिस और समरानिया स्थित रवि फर्टिलाइजर्स का लाइसेंस 7 दिन के लिए निलंबित किया गया। टीम ने स्टॉक, मूल्य सूची और रिकॉर्ड में कई गड़बड़ियां पाईं।
TOP NewsBangladeshUSUttarakhandआज का शब्दDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल
सारभाटापार में पुलिस की मुस्तैदी, नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनि शर्मा की मौजूदगी और वरिष्ठ नागरिकों के सहयोग से शहर में दिनभर का तनाव नियंत्रित रहा। कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
अमर उजाला नेटवर्क, सूरजपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Sat, 25 Oct 2025 05:13 PM IST
कूपन इंस्टेंट, अमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
कमेंट बालोद जिले के ग्राम मालीघोरी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के रोवर रेजर जंबूरी की कमान इस बार बालोद जिले को मिली है लेकिन शुरुआती दौरान में जो अस्थाई निर्माण कार्य किए जा रहे हैं वो निर्माण के साथ ही विवादों में पड़ता नजर आ रहा है दरअसल निर्माण कार्य के लिए जो बीड भरा गया था उसकी तारीख खुलने की थी 20 दिसंबर शाम 5 बजकर 30 मिनट लेकिन ठेकेदार अपने काम को लेकर इतने आश्वस्त नजर आए कि बीड खुलने से पहले की काम शुरू कर दिया गया अब स्वास्थ्य उठता है कि काम किसे देना है ये पहले से तय था और यदि तय था तो जेम पोर्टल का आडम्बर सरकारी खर्च क्यों किया गया।
अमर उजाला नेटवर्क,अम्बिकापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Thu, 25 Dec 2025 06:57 PM IST
वीआईपी पॉइंट्स, Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal







