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💢मासिक शेयर💢शेखपुरा में मंगलवार को एनएच-333ए पर हुए भीषण सड़क हादसे में सीएनजी ऑटो और ट्रक की आमने-सामने टक्कर में छः लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
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गेम इनवाइट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Fri, 03 Oct 2025 08:12 PM IST
बांका जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे दिनदहाड़े नहीं, बल्कि संध्या समय भी बेखौफ होकर बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। शुक्रवार की संध्या बांका टाउन थाना क्षेत्र के कर्मा पंचायत में अपराधियों ने एक सनसनीखेज घटना को अंजाम देते हुए पंचायत के उपमुखिया सह सीएसपी संचालक राजेश कुमार चौधरी पर जानलेवा हमला कर ढाई लाख रुपये नकद लूट लिए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त है।
विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश के बैतूल जिले में स्थित मां ताप्ती का उद्गम स्थल मुलताई धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। अब इसी ऐतिहासिक पहचान को और अधिक प्रामाणिक रूप देने के उद्देश्य से मुलताई का नाम बदलकर ‘मूलतापी’ किए जाने की घोषणा की गई है। यह नाम परिवर्तन मां ताप्ती की प्राचीन विरासत और क्षेत्र की ऐतिहासिक जड़ों से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
सारभरतपुर के कुम्हेर थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस जांच में जुटी है।
लाइक वेरिफाई, चुवाड़ी के बल्ली में बना आधुनिक सामुदायिक भवन। संवाद
इनवाइट लाइक 23वीं छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता- फोटो : अमर उजाला
वेरिफाई, राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।







