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💢बड़ा कम्पलीट💢संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:32 AM IST
️गोल्ड रजिस्टर,विस्तारFollow Usसूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में आयोजित होने वाले 814वें उर्स को लेकर अजमेर पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक और कड़े इंतजाम किए हैं। उर्स के दौरान देश-विदेश से लाखों जायरीन अजमेर पहुंचते हैं। पूर्व में दरगाह को दो बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
विस्तारFollow Usभाटापारा नगरवासियों एवं जनप्रतिनिधियों की आपत्तियों और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका परिषद भाटापारा ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। परिषद ने पं. रविशंकर शुक्ल कॉम्प्लेक्स की दुकान क्रमांक 19 में प्रस्तावित प्रीमियम वाइन शॉप के संचालन हेतु पूर्व में जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC)को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
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अमरोहा। नगर के मिनी स्टेडियम में देवेंद्र चंदेल मेमोरियल अंडर 16 क्रिकेट टूर्नामेंट के चलते सोमवार को रुक्मणी क्रिकेट एकेडमी और यूथ क्रिकेट एकेडमी के बीच मैच खेला गया। इस दौरान रुक्मणी ने बेहतरीन बल्लेबाजी और गेंदबाजी की बदौलत यूथ एकेडमी को 102 रनों से हरा दिया। बेहतरीन प्रदर्शन के चलते अशरफ रजा प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। जबकि मोहम्मद ईशा बेस्ट बल्लेबाज और साकिब पाशा को बेस्ट बॉलर के खिताब से नवाजा गया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Sun, 07 Dec 2025 10:31 AM IST
इनाम वेरिफाई, अमरोहा। जिले के तहसील अमरोहा के गांव मिलक गोसपुर निवासी मोहम्मद शहरान और शेखूपुरा निवासी हर्ष सिंह का यूपी अंडर-14 क्रिकेट टीम में चयन हुआ। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एसोसिएशन मुरादाबाद (डीएसए मुरादाबाद) में खुशी की लहर है।
अतिरिक्त गेट अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़Published by:आकाश दुबेUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:18 PM IST
फोटो-36-काशीराम कॉलोनी में टूटे पड़े पाइप से बहता पानी और पास ही बिखरी गंदगी। संवाद- फोटो : टूंडला में बरामद बच्ची को उसकी मां को सौंपती जीआरपी व आरपीएफ पुलिस
रिवॉर्ड्स इनाम, कहते हैं कि इंसान चला जाता है, लेकिन उसके कर्म अमर हो जाते हैं। राजस्थान के बालोतरा जिले से आई यह खबर इसी कथन को साकार करती है। महज पांच साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले भोमाराम ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में ऐसा काम कर दिया, जिसने तीन जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी दे दी। भोमाराम के माता-पिता ने गहरे दुख के बीच ऐसा साहसिक और मानवीय फैसला लिया, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।







