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️नया कमेंट,सारबैतूल के खेड़ली बाजार–बोरदेही मार्ग पर पिकअप पलटने से 31 ग्रामीण घायल हो गए। सभी छिंदवाड़ा से मुलताई कार्यक्रम में जा रहे थे। घायलों का अस्पताल में इलाज हुआ, हालत स्थिर है। हादसे ने मालवाहक वाहनों में सवारी ढोने की लापरवाही उजागर की।
बदायूं। किसानों ने खेतों के चारों ओर लोहे के तारों से तारबंदी की हुई है, कुछ ने तो अपने खेत की मेड़ों पर लोहे के टिनशेड भी लगा रखे हैं, बावजूद इसके छुट्टा पशु इन्हें तोड़कर खेतों में घुस फसल नष्ट कर जा रहे हैं। मजबूरी में किसानों को भीषण सर्दी में खेतों में घूमकर और मचानों पर जागकर पहरा देना पड़ रहा है। खेत की रखवाली के दौरान छुट्टा पशु हमलावर भी हो जाते हैं, ऐसे में उन्हें अपनी जान का भी खतरा रहता है।
शेयर मोबाइल, कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
बीकानेर: थानेदार के खिलाफ उसके ही थाने में एफआईआर, झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप।
मध्यप्रदेश कांग्रेस संगठन में अंदरूनी हलचल एक बार फिर सामने आई है। आलीराजपुर के बाद अब रतलाम ग्रामीण कांग्रेस जिला अध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह महज कुछ महीनों के भीतर संगठन में दूसरा इस्तीफा है, जिससे प्रदेश कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर सवाल खड़े होने लगे हैं। हर्ष विजय गहलोत ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भेजे अपने त्यागपत्र में कहा है कि पारिवारिक परिस्थितियों और विधानसभा क्षेत्र से जुड़े दायित्वों के कारण वे जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी को अपेक्षित समय और ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने संगठनात्मक पद से मुक्त करने का अनुरोध किया है।
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छोटा गेम, भिवानी। पिछले तीन माह से जिले के करीब 45 हजार एकड़ खेतों में तबाही मचाने वाला बरसाती पानी अब जलघर के टैंकों में प्रदूषण का जहर घोलने लगा है। सिंचाई विभाग की अथक कोशिशों से जलभराव में डूबे गांवों के आबादी क्षेत्र से पानी की निकासी करा दी गई है लेकिन बवानीखेड़ा और तोशाम क्षेत्र के कुछ गांव अभी भी बरसाती जलभराव की मार झेल रहे हैं। जाटूलुहारी, दांग खुर्द और रिवासा सहित प्रेमनगर व तिगड़ाना के खेतों में जमा बरसाती पानी किसानों के लिए नासूर बना हुआ है। कई महीनों तक ड्रेनों के जरिए पानी की निकासी कराई गई लेकिन अब बड़ी नहरों और डिस्ट्रीब्यूटरी नहरों में भी खेतों का सड़ चुका दूषित पानी छोड़ा जा रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के जलघर टैंकों में प्रदूषण का जहर पहुंच रहा है। जिन गांवों के जलघर जलभराव के दौरान डूब गए थे उनके टैंक अब भी बदहाल पड़े हैं और सफाई के लिए अधिकारी बजट का इंतजार कर रहे हैं।
वॉच ऑफर अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़Published by:नवीन दलालUpdated Sun, 11 Jan 2026 09:23 AM IST
अल्ट्रा ऑनलाइन, सारबदायूं जिले की प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने सोमवार को प्रेसवार्ता कर वीबी-जी राम जी योजना पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नए ग्रामीण रोजगार अधिनियम से गांव आत्मनिर्भर बनेंगे। विकास को नई गति मिलेगी।







