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💢डाउनलोड विन💢विस्तारFollow Usअमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
️अल्ट्रा रिवॉर्ड्स,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ाPublished by:बांसवाड़ा ब्यूरोUpdated Tue, 09 Dec 2025 04:21 PM IST
राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विशेष ऐप, बाजारशुकुल। पूरे मल्लाहन मजरे खेममऊ गांव निवासी ई रिक्शा चालक रमेश मल्लाह की हत्या का पुलिस ने शनिवार को पर्दाफाश कर दिया। इस मामले में मृतक का जीजा, उसका मित्र और गांव का हिस्ट्रीशीटर शामिल पाए गए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
बरनही में आयोजित एसआईआर को लेकर आयोजित बैठक के दौरान अतिथियों को 51 किग्रा का माला पहनाकर स्वा
बागेश्वर। शौका जनजाति की जसूली दताल शौक्याणी की बनाई धर्मशालाओं का नवीनीकरण किया जाएगा। उनकी पांचवी पीढ़ी के वंशजों ने विभिन्न स्थानों पर खंडहर हो चुकी धर्मशालाओं को नया रूप देने की पहल शुरू की है।
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विस्तारFollow Usलखनऊ-सुल्तानपुर रेल ट्रैक पर वारिसगंज मार्ग पर बड़ेगांव स्थित इंजीनियरिंग रेलवे क्रॉसिंग संख्या 125 पर सुरक्षा और संरक्षा नियमों की घोर अनदेखी का मामला सामने आया है। नशे में धुत गेटमैन वीरेंद्र ने रात नौ बजे अकारण रेलवे फाटक बंद कर दिया जिससे क्रॉसिंग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीर जब गेटमैन से बात करने पहुंचे, तब उसके नशे में होने का पता चला। शिकायत पर गेटमैन को निलंबित कर दिया गया। करीब एक घंटे बाद दूसरे गेटमैन के आने पर फाटक खोला गया।
रिसीव क्लिक, रुपईडीहा। शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए उपजिलाधिकारी नानपारा मोनालिसा जौहरी ने देर शाम रुपईडीहा नगर पंचायत कार्यालय परिसर में संचालित रैन बसेरा तथा नगर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए अलाव स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले रैन बसेरा पहुंचकर वहां ठहरने की व्यवस्था, साफ-सफाई, बिस्तर, कंबल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच की।







