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💢ट्रांसफर कम्पलीट💢अजमेर में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएस) अजमेर के कुलगुरु प्रोफेसर सुरेश कुमार अग्रवाल को फोन कॉल और मैसेज के जरिए धमकाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक निजी कॉलेज संचालक के कहने पर नियमविरुद्ध प्रवेश कराने का दबाव बनाया गया और मना करने पर अभद्र व अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए धमकियां दी गईं। विश्वविद्यालय प्रशासन की रिपोर्ट पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
️इंस्टेंट इनवाइट,Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
बागपत। शहर के जैन मोहल्ले में सोमवार दोपहर को घरों में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे कर्मियों का लोगों ने विरोध कर दिया। लोगों की कर्मियों के साथ नोकझोंक और हाथापाई हो गई। इसको लेकर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। लोगों ने कर्मियों का गिरेबान पकड़कर मोहल्ले से बाहर भगा दिया। इसके बाद वहां आए ऊर्जा निगम के अवर अभियंता और एसडीओ ने मामला शांत कराया। वहीं लोगों ने घरों पर लगवाए गए स्मार्ट मीटर भी हटवा दिए।
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सारतुर्कमान गेट हिंसा में आरोपी यूट्यूबर की तलाश में दिल्ली पुलिस ने सैदनगली में दबिश दी। आरोपी पुलिस के हाथ नहीं आया। हिंसा भड़काने के मामले में यूट्यूबर की भूमिका सामने आई थी। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
विस्तारFollow Usराजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर के कलेक्ट्रेट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। इसके बाद बाड़मेर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हो गई हैं। कलेक्ट्रेट के सरकारी ईमेल पर धमकी भरा मेल मिलने की सूचना के बाद पुलिस ने पूरे कलेक्ट्रेट परिसर को खाली करवाकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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पुराना क्लिक विस्तारFollow Usअमेठी जिले से किशोर का अपहरण कर बाराबंकी में बंधक बनाकर 10 लाख रुपये की फिरौती वसूलने की तैयारी थी लेकिन फिरौती मांगे जाने से पहले ही किशोर ने साहस का परिचय देते हुए खुद को आजाद किया बल्कि उसी की सक्रियता से ग्रामीणों ने एक बदमाश को दबोच लिया। हैरत की बात यह कि अपहरण का मास्टर माइंड किशोर का पड़ोसी ही निकला। पुलिस ने रविवार को पूरी साजिश का खुलासा करते हुए तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
सिल्वर कलेक्ट, आजमगढ़। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत ग्राम पंचायतों में कराए गए कच्चे कार्यों में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ हुआ। सामने आ रहा है। योजना की पारदर्शिता के लिए लागू नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) एप अब घोटाले का माध्यम बनता दिख रहा है। ऑनलाइन हाजिरी के नाम पर एक ही फोटो को बार-बार अलग-अलग कार्यों में और अलग-अलग दिन अपलोड कर मजदूरी का भुगतान कराया जा रहा है।







