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💢सर्वे स्टूडेंट💢नवाबगंज। मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड और शीत लहर के कारण नगर पालिका में भी सफाई व्यवस्था बेपटरी हो रही है। पर्यवेक्षण के अभाव में 25 वार्डों के मोहल्लों में सफाई के लिए कर्मी कभी-कभी आ रहे हैं। जगह-जगह कूड़ों के ढेर और जलभराव की समस्या बनी हुई है। इससे 40 हजार की आबादी वाले कस्बे के लोगों को परेशानी हो रही है।
️मासिक विथड्रॉ,MaharashtraDonald Trumpविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Pollsयूपी
किशनगंज थाने के सामने स्थित माताजी के मंदिर हुई चोरी को लेकर किशनगंज पहुंचे विधायक ललित मीणा का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मौके से फोन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी को फटकार लगाते हुए पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
डाउनलोड ईज़ी, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:संदीप तिवारीUpdated Sun, 06 Jul 2025 06:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:50 PM IST
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2026 में दुनिया की शीर्ष 2% विश्वविद्यालयों- फोटो : अमर उजाला
वीडियो रिवॉर्ड्स, सारइलाहाबाद हाईकोर्ट ने जन्म प्रमाणपत्र जारी करने में भ्रष्टाचार पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने जन्मतिथि में 11 वर्षों की हेराफेरी, जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले में प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर को संबंधित व्यक्ति और ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है।
ऐप सारछत्तीसगढ़ सीमा से आए तीन हाथी छह दिनों से अनूपपुर जिले में विचरण कर रहे हैं। हाथियों ने कई गांवों में घरों और फसलों को नुकसान पहुंचाया है। भयभीत ग्रामीण रात में पेड़ों पर आशियाना बनाकर जान बचा रहे हैं, जबकि वन विभाग गश्त कर निगरानी कर रहा है।
अमरोहा। नगर के मिनी स्टेडियम में देवेंद्र चंदेल मेमोरियल अंडर 16 क्रिकेट टूर्नामेंट के चलते सोमवार को रुक्मणी क्रिकेट एकेडमी और यूथ क्रिकेट एकेडमी के बीच मैच खेला गया। इस दौरान रुक्मणी ने बेहतरीन बल्लेबाजी और गेंदबाजी की बदौलत यूथ एकेडमी को 102 रनों से हरा दिया। बेहतरीन प्रदर्शन के चलते अशरफ रजा प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। जबकि मोहम्मद ईशा बेस्ट बल्लेबाज और साकिब पाशा को बेस्ट बॉलर के खिताब से नवाजा गया।
विशेष गेम, गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।







