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💢इंस्टेंट शेयर💢विस्तारFollow Usबीकानेर के खाजूवाला थाना क्षेत्र में एक होटल संचालक से जबरन एक लाख रुपये वसूलने, सीसीटीवी डीवीआर जब्त करने और झूठा मुकदमा दर्ज करने के आरोप में थानाधिकारी सहित छह पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज हुआ है।
️अतिरिक्त बोनस,
राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।
छोटा गेम, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटनाPublished by:पटना ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:54 PM IST
विस्तारFollow Usमुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को एक अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' से 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' की राशि 10 लाख लाभुक महिलाओं के खाते में डीबीटी के जरिए भेज दी है। उन्होंने 10 हजार रुपये प्रति लाभुक की दर से 1000 करोड़ रुपये की राशि का रिमोट का बटन दबाकर अंतरण किया। इसके पूर्व एक करोड़ 46 लाख लाभुक महिलाओं के खाते में 14 हजार 600 करोड़ रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महिला लाभुकों से बातचीत की। महिलाओं ने सीएम नीतीश कुमार को धन्यवाद करते हुए कहा कि 10000 की राशि से काफी मदद मिली है इससे वह अपना रोजगार शुरू कर चुकी है और अपनी जरूरत को पूरा कर पा रही हैं। आइए जानते हैं प्रमुख तीन महिलाओं ने और क्या क्या अनुभव साझा किए...
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मेगा सब्सक्राइब, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
कैश सारWeather News: कोहरे के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जिलें में न्यूनतम दृश्यता 30 से 50 मीटर तक दर्ज की गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ा है। सुबह और देर रात के समय दृश्यता बेहद कम रहने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
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स्टूडेंट रिवॉर्ड्स, सारइंदौर की घटना के बाद मध्य प्रदेश के शहरों में पानी और सीवर की बेहतर सेवाएं देने के लिए लगातार काम चल रहा है। प्रदेश में 11 जनवरी तक 1176 पानी के रिसाव ठीक किए गए और 7 हजार से ज्यादा पानी के सैंपल की जांच के लिए लिए गए।







