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💢ऑफर💢सऊदी अरब से 36 दिन बाद वतन लौटी दिवंगत रमेश कुमार की देह- फोटो : अमर उजाला
️प्लेटिनम शेयर,विस्तारFollow Usजिले के जंगलों में लगातार हो रही वन्यजीवों की संदिग्ध मौतें अब केवल पर्यावरणीय नहीं, बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा भी बनती जा रही हैं। 23 दिसंबर को उत्तर सामान्य वन परिक्षेत्र लामता के जंगल में एक नर तेंदुआ मृत अवस्था में मिला था। प्रारंभिक जांच में उसके शरीर पर बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं दिखे लेकिन हालत संदिग्ध होने के कारण वन विभाग ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सारलांजी क्षेत्र के चौंदाटोला गांव में छत्रपति संभाजी महाराज की प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद गहरा गया। शुक्रवार रात प्रतिमा स्थल के कॉलम तोड़े जाने से कुनबी और मरार समाज आमने-सामने आ गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात नियंत्रित किए और गांव में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
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बालोद जिले के डौंडीलोहारा शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा शिक्षक प्राचार्य के साथ काम नहीं करना चाह रहे, प्रशासन से लेकर मंत्री तक मामले की शिकायत हो चुकी है महिला शिक्षकों ने अभद्रता का आरोप लगाया है तो वहीं दूसरे तरफ 22 एकड़ के कैंपस की सफाई बच्चों से कराने का आरोप शिक्षक लगा रहे है। दरअसल मामला तब गरमाने लगा जब शिक्षकों का पैसा संस्था प्रमुख द्वारा काट लिया गया शिक्षक कह रहे की प्रशासनिक अनुमति है शनिवार अवकाश की तो संस्था प्रमुख ने कहा कि मुझे अब तक कोई आदेश नहीं मिला है वहीं एक शिक्षक ने तो प्राचार्य के वजह से आत्महत्या तक कर लेने की बात कही।
अमर उजाला ब्यूरो, बरेलीPublished by:मुकेश कुमारUpdated Mon, 12 Jan 2026 06:42 PM IST
विशेष विन,
शेयर वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:58 PM IST
ईज़ी कलेक्ट, आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।







