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💢कमाई बोनस💢अमृतसर नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स विभाग के इंस्पेक्टर सीताराम चतरथ सहित चार लोगों के खिलाफ महिला थाने की पुलिस ने दुष्कर्म, धमकी देने और नशीले पदार्थ देने के आरोप में केस दर्ज किया है।
️कैश इनाम,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदाPublished by:शिखा पांडेयUpdated Sat, 10 Jan 2026 07:25 PM IST
बालोद जिले की लौहनगरी दल्ली राहजरा में बीते रात सप्तगिरी पार्क के पास भालू देखा गया, शहर के बीचों-बीच बने इस पार्क में भालू दिखने से शहर में हलचल मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना बालोद वन विभाग को दी। वहीं, वन विभाग द्वारा भी भालू को तलाश करना शुरू कर दिया गया है और लोगों को रात के वक्त अकेले घर से बाहन निकलने से बचने की नसीहत दी गई है।
फ्रेंड्स इंस्टेंट, बागेश्वर। ऐतिहासिक उत्तरायणी मेले के लिए शिव की नगरी पूरी तरह सज-धजकर तैयार हो रही है। मेले की तैयारियां अब अपने अंतिम चरणों में हैं। नुमाइश मैदान में मेलार्थियों के आकर्षण का केंद्र रहने वाले झूलों और चरखों को स्थापित कर दिया गया है। नगर के पुलों को रंग-बिरंगी लाइटों की झालरों से जगमग किया गया है।
फूलपुर के गोपालीपुर में किसान चौपाल कार्यक्रम के दौरान सदस्यता प्रमाण पत्र प्रदान करते भारतीय क
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लाइक सारशाम के समय छात्रा अपने सऊदी अरब में रहने वाले पिता से वीडियोकॉल पर लैपटॉप से बात कर रही थी। तभी वह बात करते समय कमरे में ही दुपट्टे का फंदा बनाकर पर पंखे से झूल गई। यह देख पिता ने एएमयू में ही कार्यरत अपने रिश्तेदार को खबर दी।
विस्तारFollow Usकानपुर नगर के सीसामऊ से सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की गैंगस्टर के तहत दर्ज मुकदमे की कार्रवाई रद्द करने की मांग में दायर अर्जी पर बहस पूरी हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने दिया है। जाजमऊ थाने में दिसंबर 2022 को इरफान पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। ट्रायल कोर्ट की ओर से जारी समन आदेश सहित पूरी कार्रवाई को रद्द करने की मांग में इरफान ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर की थी।
इंस्टेंट, गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।







