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️विथड्रॉ गेम,इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
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कम्पलीट, विस्तारFollow Usपटना समेत कई जिलों में धूप ने ठंड से थोड़ी राहत दी है। यह स्थिति पांच दिनों तक रहेगी। इस कारण न्यूनतम तापमान में भी दो से तीन डिग्री तक वृद्धि होगी। हालांकि, धूप रविवार को भी निकली थी लेकिन ठंड से राहत नहीं मिली थी। पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक ठंड समस्तीपुर में पड़ी। यहां का न्यूनतम तापमान चार डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा 15 जिलों का तापमान साढ़े आठ डिग्री से कम रहा। शाम होते ही एक बार फिर कनकनी बढ़ने लगेगी। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य में फिलहाल मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा और अगले पांच दिनों तक दिन में खिली धूप निकलने की संभावना है, जबकि सुबह के समय कुहासा धीरे-धीरे कम होगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 17 जनवरी के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके बाद ठंड बढ़ेगी। आसमान में बादल भी छाए रहने के आसार है। कुछ इलाकों मेें बूंदाबांदी भी हो सकती है।
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नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने अधिकारियों पर की कार्रवाई- फोटो : अमर उजाला
सारRajasthan Cough Syrup:रामदेवी ने बताया कि उन्हें पहले से सांस की तकलीफ थी। परिवार के सदस्यों ने बताया कि उसी सिरप का सेवन उनके नाती गुलशन ने भी खांसी होने पर किया था, जिससे उसे चक्कर आए थे, हालांकि अब वह ठीक है।पढे़ं पूरा मामला
विशेष डाउनलोड, चरखी दादरी। जिले में घर-घर पहुंच रहा पेयजल अब लोगों की प्यास बुझाने के बजाय उनकी सेहत के लिए खतरे की घंटी बनता जा रहा है। ताजा जांच रिपोर्ट के अनुसार जिले में लिया गया प्रत्येक तीसरा पानी का सैंपल बैक्टीरियोलॉजिकल टेस्ट में फेल पाया गया है। यह स्थिति न केवल जन स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा करती है।
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स्टूडेंट, राजकीय उच्च पाठशाला चुवाड़ी में बच्चों को पढ़ाती अध्यापिका। स्रोत: डीपीआरओ







