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💢मेगा फ्री💢रहमान डकैत फिल्म 'धुरंधर' का एक कुख्यात गैंगस्टर किरदार है। दरअसल यह किरदार पाकिस्तानी डॉन रहमान बलोच से प्रेरित है, जिसका कराची के ल्यारी इलाके में राज था। ऐसा ही गैंगस्टर भोपाल में राजू ईरानी है। इसके नाम पर देश के सात राज्यों में लूट, ठगी और फर्जी अफसर बनकर वारदात को अंजाम देना जैसे जुर्म दर्ज हैं। यह ईरानी गैंग का सरगना है। इस गैंग का देश के 14 राज्यों में नेटवर्क है, जिसकी बागडोर राजू ईरानी संभालता था। यह भोपाल में बैठकर पूरी गैंग के लिए साजिश रचता था। इसने लूट की रकम से भोपाल में अरबों की संपत्ति खड़ी की है। महंगी लग्जरी कारों और अरबी नस्ल के घोड़ों का शौकीन है। भोपाल पुलिस ने सूरत से इसे गिरफ्तार किया है। फिलहाल वह 17 जनवरी तक पुलिस की रिमांड में है।
️डिपॉजिट कमाई,सारबीजापुर में व्यापारी संघ की मांग पर कलेक्टर संबित मिश्रा ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए साफ सफाई, सुविधाएं, दवाइयों और स्टाफ की जांच की गई। कलेक्टर ने एक सप्ताह में कमियां दूर करने के निर्देश दिए, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल मंडल में एक बार फिर रेलवे प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल, कोटमी सोनार और जयरामनगर स्टेशन के बीच एक ही ट्रैक पर तीन ट्रेनें एक साथ नजर आने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि एक यात्री ट्रेन के आगे और पीछे दो मालगाड़ियाँ थीं। यह देखकर कुछ यात्री घबरा गए और ट्रेन से उतरकर भागते हुए नजर आए।
डायमंड डिस्काउंट, IranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest Bengalयूपी
चुराह (चंबा)। उपमंडल चुराह में किसानों को आधुनिक कृषि से जोड़ने के उद्देश्य से प्रस्तावित कृषि प्रशिक्षण केंद्र का सपना अब तक कागजों से बाहर नहीं निकल पाया है। वर्ष 2022 में बड़े उत्साह और आशाओं के साथ इस परियोजना का शिलान्यास किया गया था, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक इसकी इमारत का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादूनPublished by:रेनू सकलानीUpdated Tue, 13 Jan 2026 08:00 AM IST
विथड्रॉ,
सिल्वर विन विस्तारवॉट्सऐप चैनल फॉलो करेंबदायूं जिले के कुंवरगांव थाना प्रभारी राजेश कौशिक रस्सी का सांप बनाने में बुरी तरह फंस गए हैं। उन्होंने एक शख्स को पशु तस्कर साबित करने के लिए उससे फर्जी मुठभेड़ तक दिखा दी, जबकि वारदात के वक्त वह 62 किसी दूर बरेली में था। परिवार ने लोकेशन व फुटेज जैसे सबूत डीआईजी के सामने पेश किया है। गर्दन फंसती देख एसओ ने बदायूं एसओजी से निजी तौर पर मदद मांगी। इससे उन पर फंदा और कस गया है।
वीआईपी ऑफर, संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरीUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:59 AM IST







