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💢छोटा वीडियो💢विस्तारFollow Usकभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
️कमेंट गेट,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Sun, 04 Jan 2026 02:53 PM IST
कमाई, सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग की महत्वपूर्ण सम्भागीय बैठक 11 जनवरी 2026 को जगदलपुर के कोया कुटमा भवन में होगी। बैठक में बस्तर संभाग के सभी जिलों के पदाधिकारी और विभिन्न आदिवासी समाजों के अध्यक्ष शामिल होंगे।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Fri, 31 Oct 2025 08:21 AM IST
मोगा नगर निगम में मेयर के इस्तीफे के बाद लंबे समय से लंबित चल रहे मेयर चुनाव को लेकर अब स्थिति साफ हो गई है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने निर्णय सुनाते हुए प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि 31 जनवरी 2026 से पहले हर हाल में मोगा नगर निगम के मेयर का चुनाव करवाया जाए। यह फैसला नगर निगम मोगा के 9 कांग्रेसी पार्षदों द्वारा दायर सिविल रिट याचिका पर सुनवाई के बाद सुनाया गया। याचिका दायर करने वाले पार्षदों में साहिल अरोड़ा, अमनप्रीत कौर मान, तरसेम सिंह, राम कौर, मनजीत कौर गिल, विजय खुराना, जसप्रीत सिंह विक्की सरपंच, रीमा सूद और अमरजीत अम्बी शामिल हैं।
सारदुनिया से जाते-जाते पंजाब का हरपिंदर तीन मरीजों को नई जिंदगी दे गया। हरपिंदर के अंग तीन मरीजों को ट्रांसप्लांट किए गए हैं। ब्रेन डेड पति के अंगदान का फैसला उसकी पत्नी ने लिया।
बड़ा ऑफर, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुरPublished by:तरुणेंद्र चतुर्वेदीUpdated Sun, 28 Dec 2025 04:17 PM IST
अल्ट्रा इनवाइट IranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest Bengalयूपी
सब्सक्राइब डिपॉजिट, राजस्थान के सीकर जिले के नेहरा की ढाणी गांव के रहने वाले स्व. सुरेंद्र का शव मृत्यु के 56 दिन बाद शुक्रवार सुबह दुबई से जयपुर पहुंचेगा। 33 वर्षीय सुरेंद्र 27 जुलाई को रोजगार के लिए जयपुर से दुबई गए थे। लेकिन 2 अगस्त को उनकी अबूधाबी (यूएई) में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद भी उनका शव भारत नहीं भेजा गया और दुबई में ही रोक लिया गया। छोटे भाई सुरजीत सिंह के दुबई जाकर डीएनए सैंपल देने के बावजूद यूएई पुलिस और भारतीय दूतावास की ओर से 19 सितंबर को कहा गया कि शव को भारत भेजने में अभी एक महीना या उससे भी अधिक समय लग सकता है।







