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💢ट्रांसफर💢सारबालोद जिले को नौ जनवरी से शुरू हो रहे देश के पहले नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी की मेजबानी मिली है। ग्राम दुधली में 146 एकड़ क्षेत्र में अस्थायी शहर बसाया गया है, जहां हजारों बच्चे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
️पैसे क्लिक,सारफैसला आते ही शुक्रवार देर रात पुलिस प्रशासन, राजस्व विभाग और नगर परिषद की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से वर्षों पुराने अतिक्रमण को हटाया गया। कार्रवाई देर रात तक चलती रही और परिसर में भारी भीड़ के बीच अतिक्रमणकर्ताओं में हड़कंप मचा रहा।
गोरखपुर ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:42 AM IST
इनवाइट, बलरामपुर के परसपुर गांव के पास खेत में भरा पानी ।-संवाद
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Sat, 03 Jan 2026 07:01 PM IST
पैसे फ्रेंड्स, सारछात्राओं के रोते-बिलखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे। तनाव के बीच दो छात्राओं की तबीयत बिगड़ी और उन्हें सीएचसी में भर्ती करवाया गया।
ईज़ी अर्न अंबाला छावनी के बब्याल स्थित दलीप गढ़ में श्री गोगा मंदिर। प्रवक्ता
बड़ा टास्क, अंबारी। अहरौला ब्लाक के ग्राम पंचायत ओरिल में लगभग 1.60 करोड़ रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी बीते तीन वर्षों से शोपीस बनी हुई है। जल निगम ने शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ओरिल ग्राम पंचायत का चयन किया गया था। 20 हजार की आबादी और 28 पुरवों में फैले इस गांव में टंकी निर्माण के बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब पीने के पानी की समस्या खत्म होगी, लेकिन घटिया निर्माण सामग्री और तकनीकी खामियों से काम रुक गया। प्रधान राम अवतार यादव का कहना है कि करीब तीन साल से टंकी से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। टंकी पर लगा ट्रांसफॉर्मर जल चुका है और पाइपलाइन में भारी लीकेज है। आबादी और क्षेत्रफल को देखते हुए गांव में कम से कम तीन टंकियों की आवश्यकता है। घटिया पाइप और सामान लगाने के कारण टंकी को अब तक हैंडओवर नहीं लिया गया है। वहीं, पूर्व प्रधान बिनोद यादव, संजय यादव सहित जगदीश बिंद, सियाराम गुप्ता, अरविंद समेत कई ग्रामीणों ने टंकी को तत्काल चालू कराने की मांग की है।







