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️साप्ताहिक विज़िट,विस्तारFollow Usजिले के उसूर थाना क्षेत्र के कर्रेगुट्टा हिल्स के डोलीगुट्टा चोटी एरिया में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान माओवादियों का एक बड़ा अवैध डंप उजागर किया गया है। सुरक्षाबलों ने जमीन खोदकर छुपाए गए हथियार मरम्मत उपकरण, बीजीएल निर्माण सामग्री एवं विस्फोटक सामग्री बरामद की है।
कैश, मध्यप्रदेश के बुराहनपुर शहर में देर रात गणेश प्रतिमा ले जा रहे एक युवक की प्रतिमा के नीचे दबने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब खंडवा के हाटकेश्वर गणेश मंडल से आये युवक गणेश प्रतिमा को लालबाग रोड से लेकर जा रहे थे। इस दौरान करीब 15 फिट ऊंची प्रतिमा को सड़क के गड्ढों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए रॉन्ग साइड से लेकर जाया जा रहा था। तभी तुलसी मॉल के पास सड़क में एक तरफ ढलान होने से भारी भरकम प्रतिमा पलट गई। इस दौरान प्रतिमा के साथ चल रहा खंडवा के नाई आवार क्षेत्र का युवक शशांक पिता प्रदीप जोशी उसके नीचे दब गया।
टनकपुर के रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए तैयार की जा रही लिफ्ट। संवाद
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लुधियाना के हलवारा के गांव सुधार के गैंगस्टर नवप्रीत सिंह धालीवाल की कनाडा में हत्या हुई है। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित एबॉट्सफोर्ड शहर में गोलियों से भून कर उसकी हत्या कर दी गई। अकाली दल बादल के सीनियर नेता और ब्लॉक समिति के पूर्व चेयरमैन मेहर सिंह धालीवाल ने बताया कि नवप्रीत सिंह धालीवाल रिश्तेदारी में उनका पोता लगता था। उसके दादा नाजर सिंह चचेरे भाई थे। नवप्रीत सिंह धालीवाल के पिता गुरजिंदर सिंह धालीवाल 1995 में सुधार से कनाडा चले गए थे और नवप्रीत सिंह धालीवाल का जन्म कनाडा में ही हुआ था।
पैसे गेट, संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Thu, 08 Jan 2026 10:52 PM IST
इनाम कैश अमर उजाला ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 02:03 AM IST
टनकपुर के तहसील सभागार में टैक्सी बाइक चालक और टुक-टुक यूनियन की बैठक लेते एसडीएम आकाश जोशी। सं
छोटा ऐप, विस्तारFollow Usबीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।







