अतिरिक्त वॉच
कमाई सब्सक्राइब
ऑफर ट्रांसफर, Inc
सब्सक्राइब
💢फ्रेंड्स फ्री💢अमरोहा। न्यायिककर्मी राशिद हुसैन की बेरहमी से हत्या ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। 35 वर्षीय पत्नी रुखसार के रुख पर सिर्फ आंसू हैं। रुक-रुक कर आती चीखों के अलावा उनके मुंह से कोई अल्फाज नहीं निकल रहे। लगातार बहती आंखों से वह पास मौजूद महिलाओं की तरफ सवालिया निगाहों से देखती हैं और रुंधे गले से एक ही सवाल निकलता है-इतनी मामूली बात पर कोई किसी की जान कैसे ले सकता है।
️कमेंट गेम,सारविभाग की कार्रवाई खत्म होने के बाद हिक्स थर्मामीटर के संचालक परिवार ने पूरी तरह से दूरी बना ली है। परिवार का कोई भी सदस्य न तो मीडिया के सामने आया है और न ही किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क कर रहा है।
जिले के केलवाड़ा क्षेत्र से आई यह तस्वीर सरकार के चिकित्सा दावों की सच्चाई उजागर कर रही है। आदिवासी क्षेत्र सूखा सेमली निवासी गर्भवती महिला सोना सहरिया को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, लेकिन समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचने के कारण उसकी हालत बीच सड़क पर ही बिगड़ गई।
क्लिक वेरिफाई, विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। शनिवार तड़के कुछ लोगों ने जज को जान से मारने की धमकी दी, साथ ही उनके आवास पर पथराव भी किया। जिससे जज के परिवार में भय का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Fri, 09 Jan 2026 01:53 PM IST
बागेश्वर। तहसील रोड क्षेत्र में बंदरों की बढ़ती संख्या अब लोगों के लिए मुसीबत बन रही है। बंदरों के हमले से बचने के प्रयास में एक युवक अपने घर की छत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने आनन-फानन उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
अजमेर दरगाह में खादिम लाइसेंस प्रक्रिया पर सन्नाटा- फोटो : अमर उजाला
कलेक्ट गेम,
कमेंट ऑफर कपकोट में गैरखेत–लखमारा सड़क का निर्माण कार्य तीन साल से ठप होने पर ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने विधायक कार्यालय के सामने धरना देकर एक महीने में काम शुरू करने की मांग की।
पुराना रिवॉर्ड्स, अंबिकापुर के अधिवक्ता नीरज वर्मा ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, अंबिकापुर के सामने एक कंप्लेंट केस फाइल किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि महावीर हॉस्पिटल में गत दिनों उनकी बेटी कु. आंचल वर्मा को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था,उसे टाइफाइड और डेंगू का पता चला था और क्योंकि प्लेटलेट काउंट कम हो रहा था, इसलिए ब्लड ट्रांसफ्यूजन की ज़रूरत थी और इसलिए, दो यूनिट ब्लड की ज़रूरत थी। इलाज के दौरान अस्पताल के संचालक डाक्टर सुधांशु किरण और अधिवक्ता नीरज वर्मा के बीच कुछ कहासुनी हुई। नीरज वर्मा का आरोप था कि उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया और सभी सुविधाएं होने के बाद भी मरीज़ का इलाज करने से मना किया गया था।चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट,अंबिकापुर के आदेश पर गांधी नगर पुलिस ने अस्पताल संचालक पर एफ आई आर दर्ज किया था।







