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💢कलेक्ट इंस्टेंट💢संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:04 PM IST
️क्लिक बोनस,अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:राहुल तिवारीUpdated Mon, 01 Dec 2025 08:35 PM IST
आज शनिवार से बेमेतरा जिले में धान खरीदी का शुभारंभ हो गया है। खरीदी से जुड़े कर्मचारी बीते 10 दिन से हड़ताल में थे, लेकिन इनकी हड़ताल खत्म हो गई है। दरअसल, एक दिन पहले यानि शुक्रवार को सहकारी समिति कर्मचारी संघ जिला बेमेतरा, जो सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ पंजीयन से संबद्ध ने शाम 7 बजे बेमेतरा एसडीएम कार्यालय आयोजित बैठक बाद अपनी हड़ताल समाप्त करने की औपचारिक घोषणा कर दी।
लाइक स्टूडेंट, चंबा। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद बाट पंचायत के चैन लाल ने बागवानी में सफलता हासिल की है। उन्होंने बगीचा तैयार कर एक हजार कीवी के पौधे लगाए हैं। इनमें अब उन्हें सालाना 15 लाख रुपये की कमाई हो रही है। वह क्षेत्र में कीवी बागवान के रूप में पहचाने जाने लगे हैं।
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन निश्चय” के तहत रायपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना खमतराई पुलिस ने अवैध रूप से बिक्री के लिए रखे गए गांजा के साथ एक अंतरराज्यीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी मूल रूप से गया, बिहार का निवासी बताया गया है।
विस्तारFollow Usसुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल दी है। बड़े-बड़े दावों के बावजूद, सुदूर आदिवासी इलाकों में जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है। 21वीं सदी में भी, कागजों पर हाईटेक व्यवस्था के बावजूद, कई जगहों पर स्वास्थ्य सेवाएं आज भी खाट और कंधों के सहारे ही संचालित हो रही हैं।
मासिक ईज़ी, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:36 PM IST
डिपॉजिट इनाम चंडीगढ़। हरियाणा की अफसरशाही में जल्द ही बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। कई अफसरों के विभागों में बदलाव किया जा सकता है। सरकार कुछ समय के लिए मुख्य सचिव का कार्यभार भी किसी अन्य अधिकारी को सौंप सकती है। ऐसी स्थिति में मुख्य सचिव की कुर्सी संभालने के लिए कौन-कौन से अधिकारी रेस में हैं इस पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांवPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 09 Jan 2026 07:51 PM IST
छोटा डाउनलोड, जाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।







