विज़िट लाइक
कम्पलीट पॉइंट्स
अल्ट्रा रिवॉर्ड्स, Inc
विशेष स्टूडेंट
💢पॉइंट्स विज़िट💢सारबेमेतरा जिले के नवागढ़ में राज्य स्तरीय ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता व गुरु घासीदास लोककला महोत्सव 2025 का आयोजन जारी है। ये बीते दो दिनों चल रहा है। इस कार्यक्रम में प्रतिदिन स्थानीय नवागढ़ विधायक व खाद्य मंत्री दयालदास बघेल शामिल हो रहे।
️कम्पलीट,कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सारBhilwara Protest: भीलवाड़ा के गुवारड़ी में टायर ऑयल फैक्टरी से फैल रहे प्रदूषण के खिलाफ ग्रामीण उग्र हो गए। दो युवक बॉयलर पर चढ़कर आत्मदाह की धमकी देने लगे। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य समस्याओं, कार्रवाई की कमी और राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगाते हुए फैक्टरी बंद करने की मांग की।
गेट डिस्काउंट, बुगरासी। किसानों और उपभोक्ताओं के बिलों में अनियमितता तथा कथित रूप से एसडीओ के दुर्व्यवहार से परेशान लोगों ने भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के साथ बुगरासी बिजली घर पर विशाल धरना दिया। धरने की सूचना से पहले ही एसडीओ व अन्य अधिकारी रफूचक्कर हो गए। बिना ऊर्जा निगम के अधिकारियों की उपस्थिति में चल रहे धरने पर बैठे भाकियू ने सड़क जाम की चेतावनी दी जिसके बाद एसडीओ मौके पर पहुंचे। अतिशीघ्र उपभोक्ताओं की शिकायत के निस्तारण के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बीते एक माह के भीतर यह दूसरी बड़ी घटना है, जिसमें ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस बताकर एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी को निशाना बनाया और लाखों रुपये की ठगी कर ली।
बदहाल पड़ा बाराकोट के सूरी तोक में शहीद नवीन चंद्रा के नाम से बना मोटर मार्ग। स्रोत: ग्रामीण
ट्रांसफर,
पुराना कैश
वीआईपी कूपन, विस्तारFollow Usउत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।







