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️सब्सक्राइब,आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।
अजमेर दरगाह में खादिम लाइसेंस प्रक्रिया पर सन्नाटा- फोटो : अमर उजाला
रजिस्टर बोनस, विस्तारFollow Usबाराबंकी के रामनगर कोतवाली इलाके के अमराई गांव में शुक्रवार देर शाम जमीनी विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष में घायल मौसेरे भाई की रविवार सुबह केजीएमयू में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के चार मौसेरे भाई के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर तीन को गिरफ्तार कर लिया है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।
MaharashtraDonald Trumpविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Pollsयूपी
नरहीं। भरौली गोलंबर स्थित स्वामी सहजानंद सरस्वती पार्क और प्रतिमा को अन्यत्र हटाने की जानकारी होने पर विरोध शुरू हो गया है। रविवार को स्वामी सहजानंद सरस्वती पार्क में बलिया, गाजीपुर, बक्सर जिलों के लोग पहुंचे।
T20 WCसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालWest Bengalविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?यूपीप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालदिल्ली में फिर टूटा ठंड का रिकॉर्डअंबरनाथ नगर परिषदBihar News
फ्री, न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आगर मालवाPublished by:तरुणेंद्र चतुर्वेदीUpdated Thu, 08 Jan 2026 08:21 PM IST
विशेष ट्रांसफर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:18 PM IST
ऑनलाइन विज़िट, राजस्थान के बाड़मेर जिले के युवा दीपक शारदा ने युवाओं को प्रेरित करने वाली एक अभिनव पहल के तहत 3D नेविगेशन आधारित भारत मैप तैयार किया है। इस तकनीकी उपलब्धि की केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न और गूगल जैसी बड़ी कंपनियों ने भी सराहना की है। दीपक शारदा का उद्देश्य भारत के हर गांव और गली को डिजिटल पहचान देना और आसानी से पहुंच सुनिश्चित करना है। कनाडा में पढ़ाई पूरी करने के बाद देश सेवा का जज्बा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्टार्टअप और डिजिटल क्रांति की पहल को साकार करते हुए उन्होंने यह परियोजना शुरू की।







