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💢प्रीमियम ऑनलाइन💢बाबागंज। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र स्थित देव संस्कृति ग्रामोदय इंटर कॉलेज रामपुर परिसर में शनिवार को जिला प्रशासन के तत्वावधान में मिशन नारी शक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित बालिकाओं व महिलाओं ने नारी सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रहीं योजनाओं के प्रति आभार जताया।
️शेयर,बालाघाट जिले में शासकीय डॉक्टरों द्वारा नियमों का उल्लंघन कर निजी क्लिनिक संचालित करने के मामलों पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती दिखाई है। विभाग की टीम ने शुक्रवार को दो महिला चिकित्सकों के निजी क्लिनिकों पर छापामार कार्रवाई कर उन्हें सील कर दिया। साथ ही दोनों डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जा रहा है।
सारछत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने आज को भगवान शिव की तपोभूमि एवं नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक पहुंचे। जहां मां नर्मदा के पावन शक्तिपीठ में दर्शन-पूजन किया। मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल पर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां नर्मदा का आशीर्वाद लिया।
विशेष इंस्टेंट,
अमर उजाला संवाद, अयोध्याPublished by:रोहित मिश्रUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:44 PM IST
सारMP News: बालाघाट में मादा बाघ की संदिग्ध मौत और उसके शव को गुपचुप जलाने के मामले ने वन विभाग में हड़कंप मचा दिया है। डीएफओ अधर गुप्ता और उनके अधीनस्थों पर नियमों का उल्लंघन और मामले को दबाने के आरोप लगे हैं। विधायक की शिकायत और विभागीय लापरवाही के कारण मामले की जांच तेज़ कर दी गई है।
सारइस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम नायब तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए आदिवासियों और किसानों की विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग की।
विशेष डिस्काउंट, सार2016 में स्वीकृत और 2017 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट की लागत 21 करोड़ से बढ़ाकर 30 करोड़ रुपये कर दी गई, लेकिन तय समय 24 महीने की बजाय 84 महीने बीत जाने के बाद भी मात्र 40% काम पूरा हो पाया है।
कैश टास्क Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
दैनिक विथड्रॉ,







