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️विशेष क्लिक,कुमार जितेंद्र ज्योतिUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:38 AM IST
विस्तारFollow Usउत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।
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विस्तारFollow Usअंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक एवं अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने भीलवाड़ा जिले के एकदिवसीय प्रवास के दौरान सोमवार को प्रेस से बातचीत की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को पूरी तरह सही प्रक्रिया बताया। तोगड़िया का कहना था कि लोकतंत्र की नींव एक शुद्ध और सही मतदाता सूची पर टिकी होती है और यदि यह प्रक्रिया ईमानदारी से की जाती है तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
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गोल्ड सब्सक्राइब सारगणतंत्र दिवस 2026 पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद 87 आजीवन कारावास के बंदियों को समयपूर्व रिहाई की अनुमति दी है। यह फैसला सुधारात्मक न्याय और अच्छे आचरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
छोटा वेरिफाई, दरभंगा के राज परिवार की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का निधन हो गया। वे लगभग 96 वर्ष की थीं और कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। महारानी कामसुंदरी देवी, महाराजा कामेश्वर सिंह की तीसरी और अंतिम पत्नी थीं। महाराजा कामेश्वर सिंह से उनकी शादी 1940 के दशक में हुई थी। महारानी कामसुंदरी देवी से पहले महाराजा की दो पत्नियां थीं, महारानी राजलक्ष्मी और महारानी कामेश्वरी प्रिया, जिनका निधन पहले ही हो चुका है।







