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विशेष रजिस्टर, सारआवेदन का प्रारूप विभाग की वेबसाइट http://mpwcdmis.gov.inपर उपलब्ध है या जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। अधिकांश पुरस्कारों की अंतिम तिथि 15 नवंबर 2025 है, जबकि कुछ के लिए 5 जनवरी 2026 तक आवेदन किए जा सकते हैं।
नारायणपुर–कोंडागांव मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर पूर्व केबिनेट मंत्री मोहन मरकाम ने साय सरकार पर तीखा हमला बोला है। जारी प्रेस नोट में उन्होंने कहा कि बीते करीब पाँच महीनों से इस मार्ग पर बस सेवा पूरी तरह बंद है, जिससे कोंडागांव और नारायणपुर के आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं, प्रशासनिक कार्यों और रोज़मर्रा की जरूरतों के लिए लोगों को आवाजाही करनी पड़ती है, लेकिन बस सेवा बंद होने से जिनके पास निजी साधन नहीं हैं, वे सबसे अधिक प्रभावित हैं।
सारपंजाब के पटियाला में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गोल्डी ढिल्लों के दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से विदेशी हथियार मिले हैं। पुलिस की गोली लगने से दोनों घायल हुए हैं।
चरखी दादरी। पहले मनरेगा योजना में काफी भ्रष्टाचार होता था। जिसकी शिकायतें लगातार मिलती थीं। नई व्यवस्था लागू होने से जहां भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से अंकुश लगेगा। वहीं वीबी-जी-राम-जी योजना वर्ष 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। यह बात भिवानी-महेंद्रगढ़ क्षेत्र से लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह ने शनिवार को दादरी में विधायक सुनील सांगवान के निवास स्थान पर पत्रकारों से बात करते हुए कही। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना नहीं, बल्कि योजना को और अधिक प्रभावी बनाना है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान इस योजना के कई बार नाम बदले गए हैं।
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बड़ा विज़िट चरखी दादरी। दादरी जिले में भूजल का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और इसके साथ ही पानी में फ्लोराइड व लवणीयता की मात्रा भी बढ़ चुकी है। हालात यह हैं कि जिले के बाढड़ा क्षेत्र को पहले डार्क जोन घोषित किया जा चुका है। हालांकि 2018 में किसानों की मांग और हल्के सुधार के साथ डार्क जोन से बाहर कर दिया था। पेयजल संकट इतना गहरा गया है कि अब शहर ही नहीं, गांवों में भी लोग आरओ और कैंपर से पानी खरीद कर पीने के लिए मजबूर हैं। बाढड़ा क्षेत्र में भूजल स्तर करीब 260 फीट नीचे पहुंच चुका है। लगातार दोहन और प्राकृतिक जल स्रोतों के खत्म होने से हालात और गंभीर हो गए हैं। दादरी जिले के अधिकतर क्षेत्रों में भूजल लवणीय और सोडिक पाया जा रहा है, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। विशेषज्ञों के अनुसार फ्लोराइड युक्त पानी लंबे समय तक पीने से हड्डियों और दांतों से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुरPublished by:बुरहानपुर ब्यूरोUpdated Fri, 31 Oct 2025 09:20 AM IST
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