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💢प्रीमियम कूपन💢आगामी पंचायत चुनावों को लेकर बानसूर उपखंड में हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में उपखंड प्रशासन ने ग्राम पंचायतों के वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य सरकार से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उपखंड अधिकारी अनुराग हरित ने पंचायती राज अधिनियम 1994 के तहत उपखंड की 23 ग्राम पंचायतों में वार्डों के पुनर्गठन का प्रारूप आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। इस घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में चुनावी माहौल बन गया है, क्योंकि नए वार्ड बनने से कई राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। उपखंड अधिकारी अनुराग हरित ने बताया कि वार्डों का नया निर्धारण वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाकर किया गया है। प्रशासन ने कोशिश की है कि वार्डों का बंटवारा पूरी तरह न्यायसंगत हो और सभी वार्डों में जनसंख्या का संतुलन बना रहे।
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गेट गेम, विस्तारFollow Usबालोद जिले के उद्यान रोपणी में आयोजित बैठक के दौरान वन समिति के सभापति ने अधिकारियों पर पेड़ों की कटाई को शह देने का आरोप लगाया। इस पर रेंजर ने कहा कि यदि उनकी रेंज में इस तरह की कोई गतिविधि होती है तो जानकारी देने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों में एसडीएम और तहसीलदार की जिम्मेदारी होती है।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:40 PM IST
विस्तारFollow Usरविवार को जिला मुख्यालय अनूपपुर के इंदिरा तिराहे पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्याम कुमार गुड्डू चौहान के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदले जाने के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट नजर आया।
रजिस्टर साइन अप, MaharashtraDonald Trumpविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Pollsयूपी
स्टूडेंट गेट जिले के घाटोल ब्लॉक में गुरुवार का दिन विधवा महिला देवु बाई के लिए उम्मीद और रोशनी लेकर आया। पिछले 14 साल से अंधेरे में जीवन गुजार रही देवु का घर आखिरकार बिजली की रोशनी से जगमगा उठा। पति की मौत के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी उठाने वाली 50 वर्षीय देवु की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वह साल 2011 के बाद बिजली का बिल नहीं चुका पाई और उसका कनेक्शन कट गया। तब से परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर था।
वॉच, अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:अनुज कुमारUpdated Mon, 22 Dec 2025 01:40 PM IST







