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💢अल्ट्रा गेम💢सारबीजापुर जिले के भैरमगढ़ स्थित डीएवी स्कूल के एक छात्र कोमल कडियम की हॉस्टल की छत से गिरने के कारण दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना बीती रात लगभग 10:30 बजे घटित हुई। कोमल इसी स्कूल के हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था।
️पॉइंट्स कैश,विस्तारFollow Usराजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में चल रहा इंडो–यूके संयुक्त सैन्य अभ्यास अजेय वॉरियर–25 उच्च पेशेवर स्तर पर आगे बढ़ रहा है। भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट और यूके आर्मी का दल एक संयुक्त राष्ट्र जनादेश के तहत इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने के लिए केंद्रित प्रशिक्षण गतिविधियां कर रहा है।
चंपावत। जिला अस्पताल में मरीजों के लिए बने पुरुष और महिला शौचालय गंदगी से पटे हुए हैं। शौचालयों में मरीजों और तीमारदारों को मुंह पर कपड़ा या हाथ रखकर जाना पड़ रहा है। गंदगी देखकर अस्पताल के मरीज जल्द ठीक होने के बजाय और बीमार जरूर पड़ जाएंगे। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती मरीज कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए अपने घर से कंबल लाने के लिए मजबूर हैं। अस्पताल में मिलने वाले कंबल ठंड के सामने घुटने टेक रहे हैं।
सर्वे स्टूडेंट, पुलिस ने पीड़ित परिवार को मुकदमा लिखाने को कहा- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद ब्यूरोUpdated Fri, 09 Jan 2026 10:52 PM IST
भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों और सशस्त्र माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो माओवादियों के शव बरामद हुए हैं। यह घटना जिले के दक्षिणी क्षेत्र में हुई, जहां सुरक्षा बलों ने माओवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर एक सघन तलाशी अभियान शुरू किया था।
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ऐप, राजस्थान की लोक परंपराएं अपने संवेदनात्मक जुड़ाव और पारिवारिक स्नेह के लिए जानी जाती हैं। इन्हीं परंपराओं में से एक है ‘मायरा’, जिसमें भाई अपनी बहन के बच्चों की शादी में प्रेम, आदर और समर्पण के भाव से उपहार, वस्त्र और धन लेकर पहुंचते हैं। इस परंपरा की झलक बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र के सीनियाला गांव में देखने को मिली, जहां भाइयों ने मायरे में ऐसा योगदान दिया कि यह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।







