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💢कूपन💢बिजावर जनपद पंचायत में नंदन फलोद्यान कार्यों में बिना जमीनी काम फर्जी भुगतान का मामला सामने आया। जिला पंचायत सीईओ नम: शिवाय अरजरिया ने जनपद सीईओ अंजना नागर सहित चार अधिकारियों को दोषी मानते हुए 13.26 लाख की वसूली के नोटिस जारी किए हैं।
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सुरेश अग्रवाल हमले मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा- फोटो : अमर उजाला
बड़ा ऑनलाइन, Civic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest BengalयूपीBihar News
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
विस्तारFollow Usबीजापुर जिले के उसूर विकासखंड के तहत संचालित पोर्टाकेबिन आवापल्ली में अध्ययनरत कक्षा छठवीं की छात्रा मनीषा सेमला की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस हृदयविदारक घटना की जांच के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित जांच दल ने घटनास्थल और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले की पड़ताल की।
सारBihar News:भागलपुर के घोघा में ईंट भट्ठा मालिक से दो लाख की रंगदारी मांगने पहुंचे कुख्यात टिभा मंडल को छीनाझपटी में उसके ही हथियार से चार गोलियां लगीं। हालत गंभीर, मायागंज से पटना रेफर।
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ऐप रजिस्टर राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।
रिसीव साइन अप, थप्पड़बाज एसडीएम का विवादों से पुराना नाता रहा है। पंप कर्मियों से मारपीट करने वाले एसडीएम के सस्पेंशन के बाद अब मामले में एक और नया पेंच निकलकर सामने आया है। घटना के बाद पंप कर्मियों के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराने वाली महिला असल में एसडीएम की पत्नी है ही नहीं। दरअसल घटना के समय एसडीएम छोटूलाल शर्मा के साथ गाड़ी में बैठी महिला ने खुद को एसडीएम छोटूलाल की पत्नी बताते हुए थाने में पंप कर्मियों के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी।







