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💢ईज़ी गेट💢बस्ती। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की 16 वर्षीय किशोरी का अपहरण करने के आरोप में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज किया है। पीड़िता की मां ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि जब बेटी स्कूल या कोचिंग को आती-जाती थी तो आरोपी छेड़खानी करता था। दीपावली के दिन भी छेड़खानी की थी। जबरदस्ती फोन पर बात भी करता था। लोक-लाज के डर से इसकी किसी को जानकारी नहीं दी। पांच जनवरी को शादी का झांसा देकर आरोपी बेटी को लखनऊ ले गया। इसमें उसका गांव के दो युवकों ने सहयोग किया। ब्यूरो
️शेयर इनवाइट,अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्याPublished by:दुष्यंत शर्माUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:12 AM IST
वीआईपी विन, संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वरUpdated Thu, 08 Jan 2026 11:37 PM IST
बहेड़ी। साइबर ठग ने मरीज का नंबर लगाने के नाम पर एक युवक के खाते से 1.86 लाख रुपये उड़ा दिए। युवक ने मामले की शिकायत साइबर पोर्टल पर करने के बाद सोमवार को ठगी की शिकायत थाने में दर्ज कराई है। ग्राम मूसापुर उर्फ घटगांव निवासी सोमपाल ने पुलिस को बताया कि आठ जनवरी को उसके पास अंजान कॉल आई, जिसमें आरोपी ने कहा कि वह उनको एक फाइल भेज रहा है। इस पर आप अपने मरीज का नाम लिखकर भेज दो, जिससे वह मरीज का नंबर अस्पताल में लगवा देंगे। इसके बाद उन्होंने उस फाइल पर मरीज का नाम लिखकर भेज दिया। युवक का कहना है कि इसके बाद उसका फोन हैक हो गया। साइबर ठग ने बैंक खाते से रुपये निकाल लिए। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। संवाद
सारअंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में एक 48 वर्षीय व्यक्ति, बबलू मंडल, की चाकू मारकर हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है।
अर्न लाइक, सारधार्मिक पोस्टर लगाए जाने पर एक समुदाय द्वारा विरोध और नारेबाजी के बाद विवाद की स्थिति बन गई। पुलिस ने तत्काल पहुंचकर भीड़ को शांत कराया और अतिरिक्त बल बुलाकर इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी।
कैश
सीजन की सर्वाधिक सर्द रही रविवार/सोमवार की रात, आगे भी ठिठुरन जारी रहने का अनुमान
प्लेटिनम इनाम, बाराबंकी। शनिवार को जिला अस्पताल में मौसम में आए बदलाव का सीधा असर देखने को मिला। अस्पताल में सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या काफी अधिक रही। अस्पताल में मरीजों की इतनी भीड़ थी कि उन्हें इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। कई मरीज तो लंबी प्रतीक्षा के बाद भी बिना इलाज के ही लौट गए।







