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💢कूपन💢सारपुलिया के नीचे शॉल में लिपटी नवजात के मिलने के बाद पुलिस ने बच्ची को जिला अस्पताल रैफर किया है, जहां उसका उपचार जारी है। लकड़ी बीनने के लिए पुलिया के पास गई महिलाओं को ये बच्ची वहां मिली थी।

️मोबाइल कम्पलीट,घुमारवीं एसडीएम को ज्ञापन सौंपते वरिष्ठ नागरिक और संस्था के लोग। स्रोत: वरिष्ठ नागरिक

अंग प्रदेश की रेशमी नगरी भागलपुर में वेब पत्रकार संगठन वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित वेब मीडिया समागम सह 7वां स्थापना दिवस भव्यता के साथ आरंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं आचार्य प्रो. डॉ. संजय द्विवेदी, न्यूज़ 18 के ग्रुप एडिटर ब्रजेश कुमार सिंह, अमर उजाला के बिहार हेड कुमार जितेन्द्र ज्योति समेत देशभर से मीडिया की दिग्गज हस्तियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित किया।

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सारमंगलवार को कई जिलों में तेज बारिश का दौर रहा। इंदौर में 9 घंटे में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिरा। जबकि रायसेन और नर्मदापुरम में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, बैतूल, गुना, ग्वालियर, खरगोन, पचमढ़ी, उज्जैन, दमोह, मंडला, सिवनी में भी बारिश हुई।

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बोनस डाउनलोड भीलवाड़ा जिले के इंरास गांव में अंधविश्वास के कारण एक नौ महीने के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। मामूली सर्दी-जुकाम और सांस लेने में परेशानी से पीड़ित बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन गांव के भोपा (झाड़-फूंक करने वाले) के पास ले गए। भोपा ने इलाज के नाम पर गर्म सरिए से बच्चे के शरीर पर कई जगह दाग लगा दिए। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई और तीन दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद शनिवार रात मासूम ने दम तोड़ दिया।

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Mon, 24 Nov 2025 09:57 PM IST

मासिक कमेंट, विस्तारFollow Usछतरपुर जिले में अप्रैल से नवंबर 2025 तक करीब 8 माह की अवधि में कुल 402 बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस दौरान 64 बच्चों ने रास्ते में, 83 बच्चों की घर पर और 255 बच्चों की अस्पताल में डिलीवरी के बाद उपचार के दौरान दम तोड़ा। कुल 16,912 डिलीवरी में से 402 नवजातों की मृत्यु दर्ज की गई है।

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