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💢कमेंट रिसीव💢राजस्थान के सीकर जिले के नेहरा की ढाणी गांव के रहने वाले स्व. सुरेंद्र का शव मृत्यु के 56 दिन बाद शुक्रवार सुबह दुबई से जयपुर पहुंचेगा। 33 वर्षीय सुरेंद्र 27 जुलाई को रोजगार के लिए जयपुर से दुबई गए थे। लेकिन 2 अगस्त को उनकी अबूधाबी (यूएई) में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद भी उनका शव भारत नहीं भेजा गया और दुबई में ही रोक लिया गया। छोटे भाई सुरजीत सिंह के दुबई जाकर डीएनए सैंपल देने के बावजूद यूएई पुलिस और भारतीय दूतावास की ओर से 19 सितंबर को कहा गया कि शव को भारत भेजने में अभी एक महीना या उससे भी अधिक समय लग सकता है।
️बोनस डिपॉजिट,विस्तारFollow Usभीलवाड़ा में आयोजित समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने स्वर्गीय शिवचरण माथुर और उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय सुशीला देवी माथुर की मूर्तियों का भव्य अनावरण किया।
चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 07:43 PM IST
छोटा रिसीव, विस्तारFollow Usजिले में डिजिटल फ्रॉड का मामला सामने आया। 64 वर्षीय सेवानिवृत्त डब्ल्यूसीएल कर्मचारी चैतराम नरवरे को साइबर ठगों ने तीन दिनों तक वीडियो कॉल पर नियंत्रित कर मानसिक रूप से “कैद” कर दिया। बैतूल पुलिस की तत्परता से बड़ी आर्थिक ठगी टल गई और पीड़ित को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
विस्तारFollow Usरविवार को सर्दी के इस सीजन में पहली बार छतरपुर शहर कोहरे की आगोश में समाया। सुबह करीब 9 बजे तक सड़कों पर घना कोहरा रहा, जिसके चलते वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी बीच छतरपुर पुलिस ने घने कोहरे के कारण संभावित दुर्घटनाओं और असुविधाओं से बचने के लिए, छतरपुर पुलिस अधीक्षक द्वारा वाहन चालकों और आम जनमानस की सुरक्षा हेतु एक विस्तृत एडवाइजरी भी जारी की।
ऑफिस में तमाशा करते एपीओ हुए दो रोडवेज अधिकारी- फोटो : अमर उजाला
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:40 PM IST
मेगा फ्रेंड्स, विस्तारFollow Usभरतपुर के थाना मथुरा गेट क्षेत्र की ब्रजनगर कॉलोनी में शनिवार दोपहर अचानक फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी देरावर भाटी और सीओ सिटी पंकज यादव मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
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विस्तारFollow Usजाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।
लाइक अर्न, नालंदा से उठेगी भारत की आंतरिक मजबूती की गूंज- फोटो : अमर उजाला







