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💢शेयर इनाम💢संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्याUpdated Sun, 11 Jan 2026 08:30 PM IST
️कमेंट ट्रांसफर,'जिन्हें नसीब नहीं छत, उनकी करें बात, सर्द हवाओं में खुले आसमां तले गुजर रही रात' किसी कवि की कविता की यह पंक्तियां बांसवाड़ा जिले में उन लोगों पर सटीक बैठ रही है, जो बेघर और जरूरतमंद हैं। सर्द हवाओं में जरूरतमंद ठिठुरने को मजबूर हैं, लेकिन जिला प्रशासन और नगर परिषद ने अभी तक ऐसे परिवारों को राहत देने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।
सारपरिषदीय विद्यालय में अखबर मंगाना जरूरी कर दिया गया है। इस पहल की शिक्षकों ने तारीफ की है। अखबार से बच्चों को जानकारी तो मिलेगी, साथ ही पढ़ने की आदत विकसित होगी।
अतिरिक्त इनाम, सांकरा में पुल के ऊपर से निचली गंग नहर में छलांग लगाने वाली किशोरी का दूसरे दिन भी पता नहीं लग सका है। स्थानीय गोताखोर के साथ ही पीएसी की टीम ने भी दिन भर नहर में किशोरी की तलाश की।
बाजारशुकुल। मनुष्य के पतन का सबसे बड़ा कारण उसका अहंकार है। जब तक हृदय में मैं और मेरा का भाव रहेगा, तब तक ईश्वर की प्राप्ति संभव नहीं है। ये बातें व्यौरेमऊ गांव में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन प्रवाचक आचार्य महेशदास मिश्र महाराज ने कहीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन किया।
MaharashtraDonald Trumpविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Pollsयूपी
बिछिया। भारत-नेपाल सीमा से सटे गांव बर्दिया में थारू जनजाति जागरूकता समिति की ओर से शनिवार को माघी महोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया गया। बर्दिया खेल मैदान में तहसीलदार पयागपुर अंबिका चौधरी ने फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि माघी महोत्सव थारू समाज की संस्कृति, परंपरा और एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।
अल्ट्रा रजिस्टर,
डायमंड इनाम अमित बघेल के बयान पर सिंधी और अग्रवाल समाज का विरोध- फोटो : अमर उजाला
कड़ाके की ठंड के चलते निजी विद्यालयों में अवकाश खत्म गए हैं। 12 जनवरी से विद्यालय खुलेंगे। हालांकि, परिषदीय विद्यालयों में 14 जनवरी तक अवकाश रहेगा। अलीगढ़ शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया गया है।
बोनस साइन अप, मातृत्व किसी भी महिला के जीवन का सबसे बड़ा सुख होता है। हालांकि गड़बड़ होती लाइफस्टाइल और खानपान से संबंधित दिक्कतों ने इस सुख से लाखों दंपत्तियों को वंचित रखा है। उत्तर प्रदेश के कानपुर में ऐसा ही एक मामला देखा गया है जहां दंपत्ति को इस सुख के लिए 12 वर्षों का लंबा इंतजार करना पड़ा। ये सुख मिला भी तो नवजात का जन्म समय पूर्व हुआ और उसे हार्ट से संबंधित समस्या भी थी। हालांकि डॉक्टर्स की टीम ने चिकित्सा कौशल की मिसाल पेश करते हुए न सिर्फ नवजात की जीवनरक्षक हृदय सर्जरी की बल्कि बच्ची को स्वस्थ करके छुट्टी दे दी।







